डीएवी छात्रसंघ चुनाव में पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी परमेंद्र डोबाल से मुलाकात कर चुनाव के दौरान पुलिस-प्रशासन की भूमिका और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव के दौरान पुलिस-प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही। उनका आरोप है कि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ सत्ता के दबाव में कार्रवाई की गई और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया।
कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने चुनाव के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं और पुलिस-प्रशासन की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति या संगठन विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए है। कार्यकर्ताओं ने छात्रहित और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात कही।
एसएसपी से मुलाकात के दौरान कांग्रेस प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट, नगर निगम पार्षद रोबिन त्यागी व आयुष गुप्ता, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष तेजस्वी राणा, जिला उपाध्यक्ष प्रियांशु गौड़, अभिषेक पासी, डीएवी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, छात्रनेता सौरभ सेमवाल, एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष नितिन नेगी, अभिषेक डोबरियाल और दक्ष रावत सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



