Oct 06 2022 / 11:38 PM

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2022: जानें मुहूर्त और पूजन विधि

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हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है और माना जाता है कि भगवान कृष्ण अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। हिंदू कैलेंडर व पंचांग के अनुसार इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 18 अगस्त और 19 अगस्त को मनाई जाएगी। इसकी तिथि को लेकर पंड़ितों और विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं। इस साल भगवान श्रीकृष्ण का 5250वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

अष्टमी तिथि-

18 अगस्त को सप्तमी तिथि रात 09 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी, जो कि 19 अगस्त को रात 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगी।

जन्माष्टमी का त्योहार अष्टमी तिथि के दिन रात 12 बजे मनाया जाता है। ऐसे में 18 अगस्त की रात जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाना चाहिए। कई लोगों का मानना है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि के आठवें मुहूर्त में हुआ था जो कि 19 अगस्त को रहेगा।

जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त –

जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इस दिन दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त मुहूर्त रहेगा। वहीं 18 अगस्त रात 08 बजकर 41 मिनट से 19 अगस्त रात 08 बजकर 59 मिनट तक धुव्र योग रहेगा। जबकि 17 अगस्त को दोपहर 08 बजकर 56 मिनट से 18 अगस्त रात 08 बजकर 41 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा।

जन्माष्टमी की पूजन विधि –

जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का श्रृंगार करने के बाद उन्हें अष्टगंध चन्दन, अक्षत और रोली का तिलक लगाएं। माखन मिश्री और अन्य भोग सामग्री अर्पण करें। श्री कृष्ण के विशेष मंत्रों का जाप करें। विसर्जन के लिए हाथ में फूल और चावल लेकर चौकी पर छोड़ें और कहें- हे भगवान् कृष्ण! पूजा में पधारने के लिए आपका धन्यवाद। पूजा में काले या सफेद रंग का प्रयोग न करें। वैजयंती के फूल कृष्ण जी को अर्पित करना सर्वोत्तम होता है। अंत में प्रसाद ग्रहण करें और वितरण करें। 

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