Feb 06 2023 / 2:45 PM

सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा नववर्ष 2023, जानिए किन उपायों से पाएंगे लाभ

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आप सभी को भविष्यम वैदिक कॉलेज की तरफ से 2023 नववर्ष की कोटि कोटि शुभकामनाये। भविष्यम संस्थान के संस्थापक और चीफ मेंटर आशीष जी पाटनी के अनुसार कोई भी व्यक्ति भाग्यहीन नही होता केवल भाग्य का स्तर ऊंचा नीचा होता है।

नववर्ष में आपके अन्तः चेतना में भविष्य को लेकर अनेक प्रश्न उठ रहे होंगे यथा :
• नया साल खुशियों से भरा होगा या फिर परेशानियों का सामना करना होगा ?
• घर-परिवार और करियर के लिए नया साल क्या कुछ लेकर आएगा ?
• नौकरी में तरक्की, प्रमोशन, सैलरी और मान-सम्मान की स्थिति कैसी रहेगी ?
• रोजगार मिलेगा या नहीं ?
• बिजनेस में मुनाफा मिलेगा या नहीं ?
• नए साल में प्रेम संबंधों की स्थिति क्या रहेगी ?
• स्वास्थ्य लाभ होगा या सेहत संबंधी समस्याएं परेशान करेंगी ?
• नए कार्यों में सफलता हाथ लगेगी या नहीं?
• हमे किस अक्षर से सावधान रहना है ?
• इस साल कौन सा समय अनुकूल और प्रतिकूल रहने वाला है ?
• हमे बेहतरी के लिए क्या क्या उपाय करना चाहिए ?
• कौन से मंत्र हमारी रक्षा करेंगे ?

आदि आदि …

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 2023 की ग्रह स्थिति कुछ इस प्रकार की है। नयावर्ष 2023 रविवार को अश्विनी नक्षत्र में दशमी तिथि से प्रारंभ होगा। नववर्ष में सूर्योदय काल के समय चंद्रमा मेष राशि में, गुरु मीन राशि में, शनि मकर राशि में, सूर्य धनु राशि में, शुक्र मकर राशि में, मंगल वृषभ राशि में , केतु तुला राशि में और राहू मेष राशि में बैठे होंगे और मार्गी बुध धनु राशि में अस्त रहेगा।

इस बार एक विचित्र सा संयोग है की वैदिक ज्योतिष के अनुसार जिस नक्षत्र में नववर्ष शुरू होगा उसके स्वामी केतु है। अंक ज्योतिष के अनुसार भी 2023 का स्वामी केतु है। तो इस पूरे वर्ष केतु के पास बहुत ज्यादा शक्ति रहेगी।

वर्ण ज्योतिष और स्पिरिचुअल ऑइल की खोज करने वाला भविष्यम संस्थान देश का सबसे प्रतिष्ठित शोध आधारित संस्थान है जो अध्यात्म, ज्योतिष, कुंडली, अंक, आभामंडल, हस्ताक्षर, ग्रह, नक्षत्र, राशि, शिक्षा, वानस्पतिक ज्योतिष, हर्बल ज्योतिष आदि के आधार पर विश्लेषण कर भविष्यफल और समाधान बताता है।

केतु के आधिपत्य वाले साल 2023 का सबसे मुख्य संदेश है :

बहुत ध्यान दे दिया दूसरो पर , अब खुद पर ध्यान दो। खुद का निष्पक्ष मूल्यांकन करो। जीतने की अंधी दौड़, दिखावा में मत फसो। आध्यात्म धर्म मंत्र पर ध्यान दो। पैसों की हाय हाय मत करो। दूसरो से संपर्क बहुत बना लिए अब ईश्वर से संपर्क बनाओ। मोबाइल की रोशनी हमे अंधा बना रही है, आंखे खोलो और प्रकृति को देखो। मोबाइल की तरंगे हमे पैरालाइज्ड कर रही है, मोबाइल छोड़ो मेडिटेशन , चेतना पर ध्यान लगाओ।

भविष्यम् वैदिक कॉलेज देश का प्रतिष्ठित संस्थान है जो आध्यात्म, वैदिक, ज्योतिष, हर्बल, मंत्र, शिक्षा के क्षेत्र में शोध करता है। इस संस्थान के प्रमुख संस्थापक और चीफ मेन्टर श्री आशीष पाटनी जी हैं। इस संस्थान से देश के विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञानी, आचार्य, शोधक, सिद्ध, संस्कृत गुरू, हर्बल ज्ञानी, आयुर्वेदाचार्य, ज्योतिषाचार्य, नक्षत्रवेत्ता जुड़े हुए हैं।

भविष्यम् का संपर्क सूत्र – 8425910001 Email ID – learnvedic@gmail.com

आइए भविष्यम से जानते हैं की सभी 12 चंद्र राशियो के लिए साल 2023 कैसा रहने वाला है। यह संपूर्ण विश्लेषण कुंडली राशि अर्थात चंद्र राशि पर आधारित है। यदि किसी को अपनी कुंडली राशि नहीं पता तो वो बोलते नाम के अनुसार अपने नाम का प्रथम अक्षर जिस राशि में यह दिखेगा वो ही उसका राशिफल होगा। यह एक सामान्य विश्लेषण है। अपना सटीक राशिफल जानने के लिए आप अपने गुरु, ज्ञानी, आचार्य से पूछे।

मेष राशि : चू, चे, चो, ला, ली, लू , ले, लो, आ

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- आपकी राशि के स्वामी ग्रह मंगल है जो ऊर्जा प्रदान करता है। 17 जनवरी को शनि महाराज कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद, 22 अप्रैल को बृहस्पति मेष राशि में आपके प्रथम भाव अर्थात आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे और वहां पर उनकी युति राहु से होगी जिसके कारण गुरु चांडाल अशुभ दोष निर्मित होगा। राहु मेष राशि से निकलकर मीन राशि में 30 अक्टूबर को गोचर करेगा और केतु तुला राषि से निकलकर कन्या राषि में गोचर करेगा।

16 जनवरी से 11 मार्च के मध्य किसी पैतृक संपत्ति, डूबे पैसे प्राप्त हो सकते है। 11 अक्टूबर के बाद स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। 29 अप्रैल के बाद से किसी मित्र या रिश्तेदार के सहयोग से आय के स्त्रोत विकसित हो सकते हैं। नवीन वाहन सुख के संकेत है। 18 जून के बाद नवीन व्यवसाय योग बन रहे हैं। 11 सितंबर से 9 अक्टूबर के मध्य धन का आकस्मिक लाभ मिलेगा। 17 अक्टूबर से 16 नवंबर आपके लिए काफी तनावपूर्ण समय होगा ।

स्वास्थ्य :- शनि और बुध आपकी राशि के रोगदायक ग्रह हैं। अतः शनि एवं बुध उदर विकार और केतु दंत पीड़ा देगा। जननांग में कष्ट होगा।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपके लिए न, प, क अक्षर के व्यक्ति और स्थान शुभ रहेंगे।

वेदांग मंत्र :- ॐ ह्रिं ॐ श्रीं मंगल शक्ति नमः (प्रतिदिन एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 मंगलवार के दिन किसी बीमार, असहाय को भोजन कराएं।
2 हनुमान जी का एक छोटा सा लॉकेट हनुमान मंदिर में अर्पण करें।
3 लाल रंग के कपड़े शुभ तथा काला कपड़ा अशुभ ऊर्जा देगा।
4 समय-समय पर रक्त दान करें।

वनस्पतिक उपाय :- मेष राशि वाले मंगलवार को अपने राशि स्वामी मंगल के पेड़ लाल चंदन की पूजा करें और अपने पर्स में छोटा लाल चंदन का टुकड़ा रखें।

रूद्राक्ष उपाय :- मेष राशि के स्वामी मंगल है। मेष राशि के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष सबसे शुभ माना गया है।

वृष राशि : इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वु, वे ,वो

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- आपकी राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है जो आपको विशेष आभामंडल प्रदान करता है। इस वर्ष शनि महाराज 17 जनवरी को अपनी मकर राशि से बाहर निकलकर अपने ही आधिपत्य वाली कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और यह आपके दशम कर्म भाव को विशेष रूप से प्रभावित करेंगे। देव गुरु बृहस्पति महाराज 22 अप्रैल को अपनी स्वराशि मीन से निकलकर अपनी मित्र राशि मेष में प्रवेश करेंगे। संतान की तरफ से शुभ खबर मिलेगी। वर्ष की अंतिम तिमाही के दौरान 30 अक्टूबर के बाद राहु और केतु क्रमशः मीन और कन्या राशि में गोचर करेंगे और वह भी आपके एकादश (आय) और पंचम (संतान) भाव में जायेंगे। संतान पक्ष के कैरियर की चिंता बढ़ेगी। इस वर्ष किसी बड़ी धार्मिक यात्रा के योग है। जीवन साथी को इस वर्ष कोई बड़ा स्वास्थ्य विकार होगा। दशम भावस्थ शनि आपको काम में शनदार सफलता देगा। राहू की स्थिति सुफलदायक रहेगी। बड़ा राजनीतिक संपर्क बनेगा। कार्यों के प्रति पराक्रम एवं उत्साह बना रहेगा। धन लाभ एवं उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। आपकी ख्याति सुदूर फैलेगी। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ाएंगे तथा आय के साधन विकसित होंगे। विदेश यात्रा व्यवसाय और संपर्क के लिए अति शुभ रहेगी, अवश्य करें। 14 अप्रैल से 13 मई नवीन कार्य शुरू होंगे। 16 जुलाई से 17 अगस्त ग्रहण दोष के कारण बहुत तनाव रहेगा। 3 अक्टूबर से 21 दिसम्बर के मध्य शुभ मांगलिक कार्य होगा। 17 जनवरी से 26 मार्च के मध्य शासन से शुभ समाचार आएंगे।

स्वास्थ्य :- योगा, सात्विक भोजन, तरल पदार्थ बेहतर है। शुगर, हड्डी की जोड़ो से संबंधित रोग होंगे ।

वर्ण ज्योतिष :- डेढ़ अक्षर, द, अ अक्षर वाले व्यक्ति और स्थान शुभ साबित होंगे। वही आपको अर्ध अक्षर से शुरू होने वाले से सचेत रहना है।

वेदांग मंत्र :- ॐ ह्रिं शुक्र शक्ति नमः (प्रतिदिन एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 किसी विधवा स्त्री, अपंग लड़की की सहायता करें।
2 शुक्रवार को संध्या काल में घर में घी का दीपक जलाएं।
3 सफेद, गुलाबी, आसमानी रंग शुभ है।

वनस्पतिक उपाय :- इस राशि वालों को अपने राशि स्वामी के अनुसार गुलर के पेड़ की जड़ शुक्रवार के दिन घर लाना चाहिए और सफेद कपड़े में बांध कर पैसे रखने के स्थान पर रखें। आपके घर में कभी पैसों की कमी नहीं आएगी।

रूद्राक्ष उपाय :- वृषभ राशि के स्वामी शुक्र है। वृष राशी के जातकों के लिए छः मुखी रुद्राक्ष को शुभ माना गया है।

मिथुन राशि : का, की, कु, घ, ड, छ, के, को, हा

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- मिथुन राशि का स्वामी बुद्ध ग्रह है। इस वर्ष आपकी राशि से अष्टम भाव में विराजमान शनि महाराज 17 जनवरी को मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में आपके भाग्य स्थान में जाएंगे। इस प्रकार यह एक तरफ जहां आपको भाग्यशाली बनाएंगे तो वहीं दूसरी तरफ, आपकी शनि देव की ढैया को भी समाप्त कर देंगे और आपको शनि देव के द्वारा होने वाले अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिलेगी तथा आप भाग्य का लिखा प्राप्त करेंगे। देवताओं के गुरु बृहस्पति देव जो वर्ष की शुरुआत में आपके दशम भाव में चल रहे हैं, वह 22 अप्रैल को आपके एकादश भाव में प्रवेश कर जाएंगे। राहु महाराज का गोचर 30 अक्टूबर को आपके एकादश भाव से निकलकर दशम भाव में मीन राशि में होगा और केतु महाराज भी पंचम भाव से निकलकर आपके चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। इस वर्ष बहुत भागदौड़ रहेगी। हालांकि सफलता मिलेगी। कुटुम्ब-परिवार में उत्सव होंगे। न्यायालय का फैसला नकारात्मक होगा। 24 अक्टूबर से 21 नवंबर में आप मानसिक कठिनाइयों, असंतोष से गुजरेंगे। आपको भाषा पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है। किसी भी समस्या का शांत रह कर, सहमति से हल निकालें। 30 अक्टूबर को राहु केतु के राशि परिवर्तन से समय थोड़ा कठिन होगा। 15 जनवरी से 13 फरवरी आपके लिए कष्टपूर्ण समय है। 13 मई से 20 जून के मध्य संतान को घात, शारीरिक कष्ट होगा।

स्वास्थ्य :- मंगल आपकी राशि के लिए रोगकारक ग्रह है। शरीर के बाएं पक्ष में कष्ट होगा। रक्त संबंधी विकार दिखते हैं। पांव और पेट कष्ट देंगे।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको ल, ह, म अक्षर से शुभ ऊर्जा मिलेगी वही प,र वर्ण से आपको सचेत रहना है।

वेदांग मंत्र :- ॐ ह्रिं श्रीं बुध शक्ति नमः (प्रतिदिन एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 इस वर्ष महाशिव का रुद्राभिषेक कम से कम 3 बार अवश्य कराएं।
2 अपने माता-पिता को नाराज, अशांत ना करे।
3 हरे रंग का सूती कपड़ा अपने पास अपने पर्स या पॉकेट में रखें।

वनस्पतिक उपाय :- इस राशि का स्वामी बुध होता है। इसलिए पैसों से जुड़ी परेशानी दूर करने के लिए इस राशि वालों को अपामार्ग के पौधे का पत्ता हमेशा अपने पर्स में रखना चाहिए।

रूद्राक्ष उपाय :- मिथुन राशि के स्वामी बुध है। मिथुन राशि के जातकों के लिए तेरह मुखी रुद्राक्ष सिद्ध किया हुआ पहनना शुभ माना गया है।

कर्क राशि : ही, हे, हु, हो, डा, डी, डू, डे, डो

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- आपका स्वामी ग्रह चंद्रमा आपको इस वर्ष बहुत भावुक बनाएगा। इस वर्ष कर्क राशि के जातकों के लिए शनि की ढैया जिसे कंटक शनि भी कहते हैं, इसका प्रभाव वर्ष के शुरुआती महीने से ही शुरू हो जाएगा क्योंकि 17 जनवरी को शनि महाराज आपकी राशि के अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे और वर्ष भर इसी भाव में विराजित रहेंगे। देव गुरु बृहस्पति वर्ष की शुरुआत में ही आपके भाग्य स्थान के स्वामी के रूप में भाग्य स्थान में ही विराजमान रहेंगे और आपकी सभी तरह से रक्षा करते रहेंगे और जीवन में समृद्धि देते रहेंगे। यही देव गुरु बृहस्पति 22 अप्रैल को मेष राशि में गोचर करते हुए आपकी कुंडली के दशम भाव में राहु के ऊपर गोचर करेंगे और विशेष रूप से मई के महीने में अशुभ गुरु चांडाल दोष भी निर्मित करेंगे। इसके पश्चात् 30 अक्टूबर को राहु आपके कर्म स्थान से निकलकर भाग्य स्थान में प्रवेश करेंगे और केतु का गोचर आपके तीसरे भाव में होगा। वर्ष के प्रारंभ में आप किसी धार्मिक स्थान की यात्रा कर सकते हैं। मन अशांत रहेगा। किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। वर्ष के प्रारंभ में धन का संकट भी आ सकता है। यात्राएं अधिक रहेंगी। शिक्षा से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलेगी। कैरियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र का विस्तार या कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 11 फरवरी से 25 मार्च के मध्य संतान को कष्ट हो सकते हैं। नौकरी में अफसरों से मतभेद हो सकते हैं। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। 1 सितंबर से 29 सितंबर का समय शुभ दिखता है।

स्वास्थ्य :- बृहस्पति और शु्क्र आपकी राशि के रोग भाव के स्वामी हैं। गठिया रोग, हाई ब्लड प्रेशर आपको कष्ट देंगे । नेत्र एवं गले में विकार हो सकते हैं। हृदय से संबंधित कष्ट होंगे।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको म, ब और बिन्दी वाले अक्षर से शुरू होने वाले व्यक्ति से सावधान रहना है।

वेदांग मंत्र :- ॐ ह्रिं श्रीं चंद्र शक्ति नमः (प्रतिदिन एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 तप, दान, यज्ञ का प्रभाव शुभ होगा।
2 चने एवं केले का उपयोग कम से कम करें।
3 सफेद दूध का सेवन ना करे
4 सफेद, दूधिया, सिल्वर रंग भाग्य मजबूत करेगा।
5 खाली पेट सुबह सौफ का पानी पीए।

वनस्पतिक उपाय :- कर्क राशि वाले लोग अगर पैसा चाहते हैं तो पलाश के फूलों की पूजा कर के उन्हे अपनी तिजोरी में या अपने पर्स में रखें।

रूद्राक्ष उपाय :- कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा है। कर्क राशि के जातक के लिए दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना लाभकारी सिद्ध होता है।

सिंह राशि : मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- आपकी राशि के स्वामी सूर्य है। इस वर्ष सिंह राशि के जातकों के लिए शनि देव जी वर्ष की शुरुआत में तो छठे भाव में रहेंगे लेकिन 17 जनवरी 2023 को आपके सप्तम भाव में प्रवेश कर जाएंगे और सप्तम भाव में शनि देव को दिग बल प्राप्त होता है इसलिए वह काफी शक्तिशाली हो जाएंगे। देव गुरु बृहस्पति महाराज वर्ष की शुरुआत में आपके अष्टम भाव में रहेंगे। इस कारणवश आपके अंदर धार्मिकता काफ़ी बढ़ी चढ़ी रहेगी। 22 अप्रैल 2023 को देव गुरु बृहस्पति मेष राशि में आपके नवम भाव में प्रवेश करेंगे और बृहस्पति का यह गोचर अचानक से भाग्य की वृद्धि का सुंदर संयोग लेकर आएगा। इसके बाद 30 अक्टूबर 2023 को राहु का गोचर आपके अष्टम भाव में होगा। यह गोचर ज्यादा अनुकूल नहीं कहा जा सकता क्योंकि आप परिवार और संतान के कारण दुखी रहेंगे।

क्रोध की अधिकता रहेगी। संतान पक्ष से मिलने वाली परेशानी आपकी चिंता का कारण बन सकती है। इस वर्ष बड़ा वित्तीय लाभ और धनार्जन होने की प्रबल संभावना है। कार्य स्थल पर आपको बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित और पदोन्नति किया जा सकता है। आप अशांति, बेचौनी और अनिद्रा की समस्या से पीड़ित रह सकते हैं। इसलिए ज्यादा तनाव नहीं लें और आराम करें। बेहतर होगा कि आप योग, प्राणायाम और आध्यात्मिक चिंतन करें। 18 अप्रैल से आपको कार्य से संबंधित यात्राएं करनी पड़ेगी। 14 जून के पश्चात आपको कुछ पैतृक धन प्राप्त होगा ।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको व, प, र वर्ण से शुभता मिलेगी। वही आपको स, म वर्ण से सचेत रहना है।

वेदांग मंत्र :- ॐ एं आदित्य नमः (रविवार एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 सूर्य देव को तांबे के पात्र से जलार्पण करे।
2 दाहिने हाथ मे लाल मोली के 3 चरण धारण करे।
3 किसी विधवा स्त्री की मदद करें।
4 गोल्डन रंग, लाल रंग, शुभता लाएंगे।
5 पद्म प्रभु चालीसा का पठन करें।

वनस्पतिक उपाय :- आंकड़े के पेड़ की लकड़ी आपको पैसों से संबंधित फायदा दिला सकती है। रविवार को आकड़े के पेड़ की पूजा करें और उसकी लकड़ी पैसों के साथ घर में रखें तो घर में बरकत होती है।

रूद्राक्ष उपाय :- सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव है। सिंह राशि के जातक के लिए 12 मुखी रुद्राक्ष धारण करना बहुत लाभप्रद है

कन्या राशि : टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- बुध आपकी राशि के स्वामी हैं तथा प्रथम व दशम भाव के स्वामी हैं। इस वर्ष कन्या राशि के जातकों के लिए शनि देव जी का गोचर वर्ष की शुरुआत में आपके पंचम भाव में रहेगा लेकिन 17 जनवरी 2023 को वह आपके छठे भाव में प्रवेश करेंगे और छठे भाव में शनि देव आपके लिए अनुकूल परिणाम प्रदान करने वाले ग्रह बन जाएंगे।देव गुरु बृहस्पति महाराज वर्ष की शुरुआत में आपके सप्तम भाव में रहेंगे। 22 अप्रैल 2023 को गुरुदेव बृहस्पति महाराज मेष राशि में अष्टम भाव में गोचर करेंगे और पूरे वर्ष आपके अष्टम भाव में बने रहेंगे। अष्टम भाव में राहु के साथ गुरु की युति होगी और विशेष रूप से मई के महीने में गुरु-चांडाल दोष का अशुभ प्रभाव देखने को मिलेगा। यह स्थिति आपके लिए अनुकूल नहीं रहेगी। 30 अक्टूबर 2023 को राहु का गोचर आपके सप्तम भाव में होगा और केतु आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे। जीवन कुछ अस्तव्यस्त सा रहेगा। कार्यों में व्यवधान, अल्प आय, व्यर्थ खर्च की स्थिति हो सकती है। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। 16 जनवरी के बाद पुराने परिचितों से मेल-मिलाप बढ़ेगा। धार्मिक, मांगलिक कार्य में आप शामिल होंगे। कारोबार में लाभ व उन्नति के अवसर मिलेंगे। । परिवार में सुख-शांति रहेगी। 3 मार्च से 25 मार्च का समय आपको बहुत धन लाभ देगा। 2023 नौकरी में परिवर्तन के योग बनेंगे। वाहन सुख प्राप्त होगा। 01 फरवरी के बाद कारोबार की स्थिति में सुधार अएगा। घर के बड़े और शासन-सत्ता से कुछ परेशानी होगी। 13 सितंबर से 9 अक्टूबर तक का समय मे आप जो करेंगे उसमे सफलता मिलेगी। 30 अक्टूबर के बाद घरेलू जीवन में बड़ी तकलीफ आएगी।

स्वास्थ्य :- आपकी राशि के शनि व चंद्रमा रोग कारक ग्रह हैं। लीवर से संबंधित विकार हो सकते हैं। त्वचा में दाग धब्बे शुरू होंगे। कंधा, गर्दन तकलीफ देंगे।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको अ, म, व वर्ण वाले व्यक्तियों से विशेष सहयोग मिलेगा वही ध और बिंदी वाले अक्षर से आपको नकारात्मक ऊर्जा मिलेगी।

वेदांग मंत्र :- ॐ भद्र शक्ति नमः (प्रत्येक बुधवार एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाने की व्यवस्था करे।
2 पढ़ने वाले गरीब बच्चो को मदद करे।
3 हल्का नीला, हल्का गुलाबी और हरा रंग बेहतर है। लाल रंग से परहेज करें।

वनस्पतिक उपाय :- इस राशि वालों का भी राशि स्वामी बुध है इसलिए इस राशि वालों को भी अपामार्ग की पूजा करनी चाहिए और घर में पैसों के साथ इसकी लकड़ी रखना चाहिए।

रूद्राक्ष उपाय :- कन्या राशि के स्वामी बुध है। कन्या राशि के जातक को चार मुखी रुद्राक्ष या गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करना शुभ होता है।

तुला राशि : रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- तुला राशि का स्वामी शुक्र है जो कि शनि के मित्र ग्रह हैं। इस वर्ष तुला राशि के जातकों के लिए योगकारक ग्रह श्री शनिदेव जी महाराज आपके चतुर्थ भाव में वर्ष की शुरुआत में विराजमान रहेंगे। लेकिन 17 जनवरी 2023 को आपके पंचम भाव में प्रवेश करेंगे, और यहां से आपके जीवन में बड़े बदलाव लेकर आने में आपकी मदद करेंगे। इसके साथ ही जब शनि का गोचर जनवरी में हो जाएगा तो आपकी ढैया भी समाप्त हो जाएगी। देव गुरु बृहस्पति महाराज वर्ष की शुरुआत में आप के छठे भाव में मीन राशि में विराजमान रहेंगे। 22 अप्रैल 2023 को देव गुरु बृहस्पति आपके सप्तम भाव में प्रवेश कर जाएंगे। यहां गुरु का गोचर आपको जीवन में अनेक प्रकार की सफलताएं प्रदान करेगा। 30 अक्टूबर 2023 को राहु का गोचर मीन राशि में आपकी छठे भाव में होगा। तुला के जातकों के लिए शनि चतुर्थ और पंचम भाव का स्वामी होने से योगकारी है। आप किसी नए व्यवसाय में शामिल होंगे। आप जिस कार्य को अपने हाथ में लेंगे उसमे बहुत मेहनत के बाद ही सफलता प्राप्त होगी। शत्रु हावी होंगे। आजीविका के नए साधन और स्रोत उत्पन्न करना जरूरी है। धार्मिक और सामाजिक कार्यों की ओर रुझान बढेगा। आपकी माता और बहन के लिए दुखद और कष्टदायी समय है। संतान को कष्ट होगा। अनजान व्यक्ति से उसको दूर रखें। 11 फरवरी से 28 अप्रैल के मध्य वाहन क्रय करने के योग बन रहे हैं। 12 मई व 14 नवंबर के मध्य आप कोई संपत्ति खरीदेंगे। किसी स्त्री के द्वारा आप पर लांछन दिखता है । मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। 14 अक्टूबर के बाद कोई पुराना विवाद, केस सुलझेगा, शुभ है।

स्वास्थ्य :- आपको जनांनग, खुजली, गुदा संबंधित बीमारी की आशंका है। एक्सीडेंट में हड्डी टूटेगी।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष में ई, व, प अक्षर वाले लोग बहुत आपकी बहुत सहायता करेंगे वही ग, ल आपका काम बिगाड़ने की कोशिश करेंगे।

वेदांग मंत्र :- ॐ ऐं श्रीं शुक्र शक्ति नमः (शुक्रवार को दीपक जलाकर एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 किसी मंदिर में घंटी का दान करें।
2 चांदी का सिक्का अपने पास रखे।
3 शुक्रवार को नौकर, ड्रायवर, स्टॉफ को खीर खिलाएं।
4 भूरा और लाल के अतिरिक्त बाकी रंग अच्छे हैं।

वनस्पतिक उपाय :- सफेद पलाश का पौधा इस राशि वालों को पैसे सें संबंधित लाभ देने वाला है। सफेद पलाश का फूल सफेद कपड़े में रख कर पैसों के साथ रखें तो आपका पैसा जरूर दुगना होने लगेगा।

रूद्राक्ष ज्योतिश :- तुला राशि के स्वामी शुक्र है। तुला राशि के जातक के लिए सात मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ होता है।

वृश्चिक राशि : तो, ना, नी, नु, ने, नो, या, यी, यू

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- आपकी राशि का स्वामी मंगल है। शनि महाराज 17 जनवरी 2023 तक आप के तीसरे भाव में विराजमान रहेंगे। उसके बाद उनका गोचर आप के चतुर्थ भाव में कुंभ राशि में हो जाएगा।
देव गुरु बृहस्पति जो कि आपके दूसरे और पंचम भाव के स्वामी हैं, वर्ष की शुरुआत में आपके पंचम भाव में मीन राशि में विराजमान रहेंगे। 22 अप्रैल 2023 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मई-जून के दौरान गुरु-चांडाल दोष का अशुभ समय शुरू होगा। यह समय नौकरी में उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है। इसके बाद 30 अक्टूबर 2023 को राहु अपनी वक्री चाल चलते हुए आपकी कुंडली के पंचम भाव में मीन राशि में प्रवेश करेंगे और केतु आय भाव में प्रवेष करेंगे।

17 जनवरी से शनि की स्थिति सुख शांति भंग करेगी। लेकिन शनि वाणी को कठोर और कड़वी बना सकता है। यह अकारण वाद-विवाद, मित्रों से धन हानि तथा स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्यायें उत्पन्न कर सकता है। स्थान परिवर्तित कर सकता है या लम्बे समय के लिए घर-परिवार से दूर रहने की संभावना है। 4 अप्रेल से 7 मई संतान कष्ट है। 23 फरवरी से 28 मार्च परिवार में विवाद, झगड़े होंगे। 19 जुलाई से 20 अगस्त के मध्य यात्रा होगी। 14 नवंबर से 12 दिसम्बर कोई बड़ी बीमारी का पता लगेगा।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको भ, उ, र से शुभ ऊर्जा मिलेगी वही क, द वर्ण आपको कुछ परेशानी देंगे।

वेदांग मंत्र :- ॐ हं हनुमंताय नमः (प्रतिदिन एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 मंगलवार को हनुमान मंदिर जाएं।
2 पक्षियों के लिए दाने की व्यवस्था करें।
3 मैरून, लाल, पीला, रंग शुभ है।
4 वासूपूज्य चालीसा पढ़ें।

वनस्पतिक उपाय :- इस राशि के लोग मंगल देव के लिए मंगलवार को खैर के पेड़ की जड़ लेकर आएं और उसकी पूजा करके धन स्थान पर रखना चाहिए।

रूद्राक्ष उपाय :- वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल है। वृश्चिक राशि के जातक को तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करने से लाभ मिलता है।

धनु राशि : ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- आपकी राशि का स्वामी ग्रह बृहस्पति है। इस वर्ष आपकी राशि के स्वामी देव गुरु बृहस्पति आपके चतुर्थ भाव में मीन राशि में अर्थात् अपनी स्वराशि में ही विराजमान रहेंगे। 22 अप्रैल 2023 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में अपनी मित्र राशि में आपके पंचम भाव में प्रवेश करेंगे।

कर्मफल दाता कहे जाने वाले शनि महाराज। वर्ष की शुरुआत में आपके दूसरे भाव में स्वराशि मकर में विराजमान रहेंगे लेकिन 17 जनवरी 2023 को आपके तीसरे भाव में अपनी ही राशि कुंभ में प्रवेश कर जाएंगे। राहु और केतु जो कि वर्तमान में क्रमशः मेष और तुला राशियों में विराजमान हैं। लेकिन 30 अक्टूबर को राहु का गोचर मीन राशि में और केतु का गोचर कन्या राशि में होगा। जिससे आपकी कुंडली के सुख और कर्म नकारात्मक रूप से प्रभावित होंगे।
शासन और उच्च अधिकारियों से सचेत रहे। कार्यक्षेत्र में संघर्षपूर्ण परिस्थिति रहेंगी। पारिवारिक समस्याएं चिंतित करेगी। मित्रो से धन सबंधी विवाद होगा, विवाद को बढ़ने ना दे अन्यथा आपकी मानहानि होगी। संचित धन में कमी आ सकती है। 14 फरवरी के बाद नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। आपके कार्य या घर के दिशा परिवर्तन के बड़े संकेत हैं। यदि कुंडली में गुरु की स्थिति अच्छी है तो आध्यात्मिकता और दार्शनिकता के लिए उत्तम समय है ।शनि की यह स्थिति आपको बहुत दौड़ाएगी लेकिन कार्य संबंधी यात्रा सफल रहेगी। स्वास्थ्य से सम्बंधित कुछ आजीवन बीमारी उत्पन्न हो सकती है। 22 अक्टूबर से 24 नवंबर विशेष सावधानी रखें। किसी को पैसा उधार ना दें। पति-पत्नी के मध्य अकारण विवाद रहेगा। संतान पक्ष से अच्छी खबर मिलेगी।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको र, म, ह वर्ण से शुभ समाचार मिलेंगे वही ल, द से आपको कुछ सचेत रहना है ।

वेदांग मंत्र :- ॐ महा ॐ गुरू शक्ति नमः (प्रतिदिन एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 मूक बधिर बच्चों भिखारी की यथा संभव मदद करें।
2 जेब में हमेशा पीले रंग का सूती कपड़े का टुकड़ा रखें।
3 नारंगी, सफेद, क्रीम, शुभ है। नीला से परहेज करें।
4 भैस, मजदूरों को भोजन दें।

वनस्पतिक उपाय :- धनु राशि वालों के लिए पीपल ही धन देने वाला पेड़ होता है। इसलिए गुरुवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें और पीपल की लकड़ी पैसों के स्थान पर रखें तो हमेशा धन बढ़ता रहेगा।

रूद्राक्ष उपाय :- धनु राशि के स्वामी बृहस्पति है। धनु राशि के जातक यदि पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करें तो यह उनके लिए सबसे उपयुक्त है।

मकर राशि : भो, जा, खी, खू, खे, खो, गा, गी

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि है। इस वर्ष जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा। मकर में शनि लग्नेश और द्वितीयेश है। यदि शनि की ही दशा या अंतर दशा हो तो आपके मन में भय-तनाव और असुरक्षा का वातावरण बनेगा। कोई अप्रिय और दुखद शोक घटना घट सकती है। सिर में चोट, पेट के रोग होंगे। मन अशांत, परिवार में मनमुटाव रहेगा। नौकरी में यात्रा अधिक रहेगी। अनियोजित खर्चों में वृद्धि रहेगी। ऊपर से केतु के कारण स्वभाव में चिड़चिड़पन, संघर्षपूर्ण स्थिति, अधिक परिश्रम के बाद भी जष का अभाव जैसे फल मिलेंगे। 16 फरवरी के बाद किसी पैतृक संपत्ति से धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। वाहन सुख में वृद्धि के योग भी बन रहे हैं। 11 अक्टूबर से परिस्थितियों में परिवर्तन होगा। मई जून से साझेदारी में किसी नवीन कार्य की योजना बनेगी। 4 अगस्त से आय में वृद्धि होगी। बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। संतान पक्ष का विशेष पुत्री संतान का विशेष कर ध्यान रखें। इस काल में गुरू शक्ति रक्षा कवच का कार्य करेगी।

स्वास्थ्य :- शनि द्वितीय भावस्थ होने से वायु तथा पित्त विकार, एसिडिटी में वृद्धि करता है। सिर दर्द, नींद नही आना, बोलते समय शब्दों को भूलना आदि कष्ट होंगे। 11 मार्च से 28 अप्रैल के मध्य वाहन चलाते समय सचेत रहें। दुर्घटना के योग बन रहे हैं।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको न, स और अर्ध अक्षर वाले व्यक्ति से सावधान रहना है ।

वेदांग मंत्र :- ॐ शं शक्ति त्रि शक्ति नमः (प्रतिदिन एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 अपने बाथरूम में कांच के बाउल में समुद्री साबूत नमक रखें। अमावस को नमक बदल लें।
2 बगुला मुखी माता आपके कष्ट दूर करेगी ।
3 नीले रंग के कपड़े शुभता लाएंगे।

वनस्पतिक उपाय :- मकर राशि वालों को शनि देव की कृपा से ही धन लाभ होता है। इसलिए इस राशि के लोग शनिवार को शमि के पौधे की पूजा करें और उसकी जड़ को अपने पर्स में रखें।

रूद्राक्ष उपाय :- मकर राशि के स्वामी शनि है। मकर राशि के जातक यदि सात या चौदह मुखी रुद्राक्ष को धारण करें तो लाभ मिलता है।

कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सो, सी, सू, से, दा

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- कुम्भ राशि के जातकों के लिए शनि लग्न और द्वादश भाव का स्वामी है जो अब आपके लग्न भाव में गोचर करेगा। शनिदेव वर्ष की शुरुआती महीने में अर्थात् 17 जनवरी 2023 को मकर राशि से निकलकर कन्या आपकी राशि में प्रवेश करेंगे और पूरे वर्ष आपकी ही राशि में बने रहेंगे। दिशा परिवर्तन के योग हैं। देव गुरु बृहस्पति जो वर्ष की शुरुआत में अपनी मीन राशि में होने से शुभ मंगल दाता बने हुए हैं, वह 22 अप्रैल 2023 को मेष राशि में आपके तीसरे भाव में प्रवेश कर जाएंगे। राहु और केतु वर्ष की शुरुआत में क्रमशः आप के तीसरे और नवें भाव में होंगे लेकिन 30 अक्टूबर को राहु आपके द्वितीय भाव और केतु आपके अष्टम भाव में प्रवेश कर जाएंगे।

यह वर्ष आपके लिए शुभ रहने वाला है। धन का आगमन अच्छा होगा। पुरानी संपत्ति जो नही बिक रही थी वो बिक जाएगी। जीवन साथी का व्यवहार थोड़ा संदेहास्पद रहेगा। 17 जनवरी के उपरांत कलह-क्लेश हो सकता है। खर्चों में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। साझेदारी के कारोबार में सतर्क रहें। किसी से धोखा मिलने के योग बन रहे हैं। आंतरिक बीमारी का प्रवेष हो चुका है, सचेत रहें।

स्वास्थ्य :- चन्द्रमा और बृहस्पति आपकी राशि के रोग कारक ग्रह हैं। केतू त्वचा व रक्त संबंधी विकार दे सकता है।जल संबंधित रोग आपको परेशान करेंगे। अपने शरीर की संपूर्ण जांच करवाएं।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको न, व, प वर्ण से शुभ ऊर्जा मिलेगी वही बिन्दी वाले नाम से आपको सावधान रहना है।

वेदांग मंत्र :- ॐ शं शनि धूम्र शक्ति नमः (प्रतिदिन एक माला फेरे)

भविष्यम् उपाय :-
1 शनिवार को शनि देव के दर्शन करे।
2 संतान के नाम से कुष्ठ रोगियों और अपंगों को दान करे।
3 बैगनी, नीला, धारी वाले कपड़े सफलता को आकर्शित करेंगे।
4 तेल, चावल मजदूर / सेवक को दान करें।

वनस्पतिक उपाय :- कुंभ राशि का राशि स्वामी शनि है इसलिए इस राशि वालों को अपने पर्स में काले कपड़े में शमी पौधे की लकड़ी अपने साथ रखना चाहिए।

रूद्राक्ष उपाय :- कुम्भ राशि के स्वामी शनि है। कुम्भ राशि के जातक सात या चौदह मुखी रुद्राक्ष को धारण कर सकते है।

मीन राशि : दी, दू, थ, झ, दे, दो, चा, ची

वर्ष 2023 का भविष्यम् विश्लेषण :- मीन राशि के स्वामी ग्रह देव गुरु बृहस्पति हैं, जो 22 अप्रैल तक आपकी राशि में रहेंगे। 22 अप्रैल 2023 को देव गुरु बृहस्पति अपने मित्र ग्रह मंगल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे। राहु और केतु वर्ष की शुरुआत में क्रमशः आप के तीसरे और नवम भाव में होंगे लेकिन 30 अक्टूबर को राहु आपके कुटुंब वाणी भाव में मीन राशि में और केतु कन्या राशि में आपके रोग, भाव में प्रवेश कर जाएंगे। मई से अगस्त के बीच गुरु-चांडाल दोष का प्रभाव भी तीसरे भाव में देखने को मिलेगा। इस प्रकार यह वर्ष कुछ उथल-पुथल से भरा हो सकता है। संतान को स्वास्थ्य कष्ट है।

इस वर्ष आप कई अलग तरीकों से धनार्जन करेंगे 11 अक्टूबर से आत्मविश्वास में कमी आएगी। मन अशांत रहेगा। घरेलू समस्याएं बढ़ सकती हैं। व्यापार में हिसाब किताब में मतभेद रहेंगे। 17 मई से 12 जुलाई के मध्य किसी नवीन कार्य की योजना या नई नौकरी या नई साझेदारी बनेगी। अपने कर्जों में कमी करें। अप्रेल 9 से मई 17 के मध्य यात्रा में दुर्घटना के संकेत हैं। माता-पिता को स्वास्थ्य कष्ट रहेंगे।

स्वास्थ्य :- पंचम भाव का राहु दिमाग की नसों पर जोर डालता है जिससे अनिद्रा, शिथिलता, ऊब जाना जैसे असर दिखते है दिमाग को शांत और खुश रखे। जीवन साथी को थायराइड, गुप्त स्वास्थ्य विकार रहेंगे। त्वचा, पांव कष्ट है।

वर्ण ज्योतिष :- इस वर्ष आपको अ, प, न से लाभ होगा वही आप डेढ़ अक्षर से थोड़ा सचेत हो कर चलो।

भविष्यम् उपाय :-
1 गुरुवार के दिन घी और केला ना खाएं।
2 प्रत्येक गुरूवार घर के उत्तर पूर्व दिशा में घी के दीपक जलाएं।
3 पीला रंग पहनो, काले रंग से बचो।

वनस्पतिक उपाय :- इस राशि के लोग पीले चंदन की लकड़ी अपने पैसे रखने के स्थान पर रखें तो पैसो का लाभ हमेशा मिलता रहेगा।

रूद्राक्ष उपाय :- मीन राशि के स्वामी बृहस्पति है। मीन राशि के जातक के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष बहुत शुभ होता है।

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