Jun 15 2021 / 9:32 PM

प्रेगनेंसी के दौरान फॉलो करें ये डाइट टिप्‍स

किसी स्त्री के लिए गर्भवती होना एक ऐसा समय होता है जब वह अपने गर्भ में वरदान के रूप में एक दूसरा जीवन पाल रही होती है। खुद से ज्यादा अपने बच्चे के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए वह हर संभव कदम उठा रही होती है। नौवां महीना यानि प्रसव से पहले तीसरी तिमाही के आपके अंतिम कुछ दिन होते हैं।

यह, आपके लिए जितना संभव हो उतना तनाव मुक्त रहने और आराम करने का समय है। यहाँ-वहाँ घूमने-फिरने में आपको वास्तव में बहुत कष्टप्रद और असहज महसूस होगा, लेकिन अपने छोटे मेहमान से मिलने का उत्साह सभी कठिनाइयों को दूर कर देगा।

एक माँ को अपने बच्चे को अपनी बाहों में लेने के लिए नौ महीने का इंतजार करना पड़ता है । गर्भावस्था की प्रत्येक तिमाही के दौरान देखभाल करने के लिए बहुत सारी बातें होती हैं, लेकिन तीसरी तिमाही में इसकी विशेष रूप से आवश्यकता होती है। बच्चे के साथ-साथ आपकी स्वयं की भलाई के लिए भी आपके आहार और जीवनशैली की योजना अच्छी तरह से बनानी चाहिए।

नौवें महीने में, आपके गर्भस्थ शिशु का विकास लगभग पूरा हो जाता है। अब उसके शरीर में वसा जमा हो रहा होता है और उसका वजन धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। इसी दौरान उसके दो महत्वपूर्ण अंग, फेफड़े और मस्तिष्क परिपक्व होने लगते हैं।

शिशु की स्वस्थ प्रगति के लिए पहली और दूसरी तिमाही की तरह ही स्वस्थ और पौष्टिक आहार लें, लेकिन इसकी मात्रा थोड़ी बढ़ाएं, क्योंकि इन दिनों में बच्चे को वजन बढ़ाने के लिए इसकी आवश्यकता होगी।

आपके 9वें महीने के आहार में शामिल करने के लिए खाद्य पदार्थ

ताजे फल- हर दिन कम से कम 2 प्रकार के फल खाएं।

साबुत अनाज वाले पदार्थ जैसे चपाती या रोटी खाएं।

सभी तरह की सब्जियां खासकर हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।

दूध और दुग्ध उत्पाद जैसे मक्खन, घी, पनीर, आदि।

भरपूर प्रोटीन युक्त भोजन जैसे मछली, मांस आदि।

बहुत सारा शुद्ध पानी पिएं क्योंकि, यह आपके शरीर से सभी विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और आपके शरीर में पानी की योग्य मात्रा बनाए रखता है।

स्वास्थ्य के लिए हितकर आहार लें क्योंकि इससे आप स्वस्थ रहेंगी और यह आपको पेट में बच्चे को संभालने के लिए आवश्यक ऊर्जा भी देगा। इसके साथ ही यह आपको और आपके बच्चे को प्रसव से पहले और बाद की सभी जटिलताओं से दूर रखेगा। एक संतुलित आहार सामान्य गर्भावस्था के लक्षणों जैसे सीने में जलन और कब्ज को दूर रखने में मददगार होता है। इसके कारण पहले भ्रूण के रूप में और बाद में एक स्वस्थ शिशु के रूप में, आपके लाडले के समुचित विकास की दिशा निश्चित होती है।

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