Oct 06 2022 / 10:00 PM

मुख्यमंत्री ने 26 लाख से अधिक किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के तहत 1750 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की

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सबसे ज्यादा वर्मी कंपोस्ट उपयोग करने वाले किसानों का राज्योत्सव में किया जाएगा सम्मानित: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

किसानों की खुशहाली राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री राजीव गांधी की जयंती पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की दूसरी किश्त के रूप में किसानों को 1745 करोड़ रूपए का भुगतान

गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5.24 करोड़ रूपए का भुगतान

राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को अब तक किया गया 14,665 करोड़ रूपए का भुगतान

गोबर विक्रेताओं को अब तक 158.24 करोड़ रूपए का भुगतान

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सबसे ज्यादा वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करने वाले किसानों को राज्योत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की जयंती ‘सद्भावना दिवस‘ के अवसर पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की दूसरी किश्त और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 1750.24 करोड़ रूपए अंतरित किए।

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की दूसरी किश्त के रूप में किसानों के खातों में 1745 करोड़ रूपए और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों गोबर विक्रेताओं, महिला स्व-सहायता समूहों और गौठान समितियों के खातों में 5 करोड़ 24 लाख रूपए की राशि का अंतरण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों की कर्जमाफी और समर्थन मूल्य के साथ इनपुट सब्सिडी देने से हमारे किसान ऋण के बोझ से उबरकर अब स्वावलंबी बन गए हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के 26 लाख से अधिक किसानों के चेहरों पर अब खुशी दिखाई दे रही है। श्री बघेल ने इस कार्यक्रम के लिए श्री राहुल गांधी द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सांसद श्री राहुल गांधी यह चाहते थे कि लोगों के जेब में पैसा पहुंचे और उनकी आर्थिक स्थिति सुधरे। राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं के माध्यम से यह कार्य किया है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी के रूप में धान उत्पादक किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़, सुगंधित धान तथा खरीफ की अन्य फसल लेने वाले किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ और वृक्षारोपण करने वाले किसानों को 3 वर्ष तक 10 हजार प्रति एकड़ के मान से राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जब भी आधुनिक भारत के विकास की बात होगी, तो उनमें प्रमुख नाम स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी का होगा। राजीव जी का सबसे बड़ा योगदान यह है कि उन्होंने हर नागरिक के जीवन की जटिलताओं को न्यूनतम् करने के लिए काम किया। चाहे वे जटिलताएं प्रशासनिक कामकाज से संबंधित रही हों, चाहे नागरिक सुविधाओं से, या फिर आर्थिक विकास से संबंधित हो। भारत में टेलीकॉम, कम्प्यूटर, साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हुए विकास के लिए हम उनके योगदान को याद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को अधिकार संपन्न बनाने के लिए राजीव जी द्वारा की गई पहल को आगे बढ़ाते हुए हमारे नेता श्री राहुल गांधी जी ने न्यूनतम आय योजना का विचार सामने रखा था। इसी योजना को हम न्याय योजना के रूप में भी जानते हैं।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज के इस कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत खरीफ सीजन 2021 के लिए 26 लाख 21 हजार 352 पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में इनपुट सब्सिडी की द्वितीय किश्त 1745 करोड़ रुपये ऑनलाईन माध्यम से अंतरित की। इसी तरह गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक ग्रामीणों, गौठान समितियों और महिला समूहों को कुल 5 करोड़ 24 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इससे पूर्व 21 मई 2022 को राज्य के किसानों को इस योजना की प्रथम किश्त के रूप में 1745 रूपए का भुगतान किया गया था। आज द्वितीय किस्त के भुगतान की गई राशि को मिलाकर किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 14 हजार 665 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इस योजना में खरीफ 2019 में 18.43 लाख किसानों को 4 किश्तों में इनपुट सब्सिडी के रूप में 5627 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2020 के 20.59 लाख किसानों को 5553 करोड़ रूपए की इनपुट सब्सिडी दी गई। किसानों को फसल लागत मूल्य कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए इनपुट सब्सिडी की यह राशि दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर विक्रेताओं को 2.64 करोड़ रूपए तथा गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 2.60 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया।

गोबर बेचने वाले ग्रामीणों को गोधन न्याय योजना शुरू होने के बाद से अब तक 158.24 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को अब तक 154.02 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में फर्टिलाइजर की गिनी चुनी फैक्ट्रियां हैं, इस मामले में छत्तीसगढ़ काफी आगे बढ़ गया है, यहां गांव-गांव में गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से उर्वरक की फैक्ट्री प्रारंभ हो गई है। वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से भूमि की गुणवत्ता और उर्वरता बढ़ रही है। हमारे कृषि उत्पाद जहरीले तत्वों से मुक्त हो रहे हैं। राज्य जैविक खेती की ओर बढ़ रहा है। आने वाले समय में गौठानों में बिजली भी बनाई जाएगी। गोबर से पेंट भी बनाया जा रहा है।

कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना से छत्तीसगढ़ की इकॉनामी में सुधार हुआ है। बैंकों का किसानों के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस योजना से पिछले तीन सालों से किसानों की संख्या 8 लाख बढ़ी है। गांवों में खेतों का बिकना रूका है। किसान अब खेत खरीद रहे हैं। इन योजनाओं का प्रारंभ होना क्रांतिकारी कदम है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अय्याज फकीर भाई तम्बोली, संचालक पशुधन श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, संचालक उद्यानिकी श्री माथेश्वरन वी., सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान और अधिकारी भी जुड़े।

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