Aug 09 2022 / 4:57 PM

अलगाववादी नेता यासीन मलिक की बिगड़ी तबीयत, कई दिनों से था भूख हड़ताल पर





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नई दिल्ली। कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक की हालत बिगड़ गई है, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के RML हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि यासीन 22 जुलाई से भूख हड़ताल पर है। उसका कहना है कि जो मामला विचाराधीन चल रहा है, उस पर सही से जांच नहीं की जा रही है। इसलिए वह भूख हड़ताल पर बैठा है।

जेल के आला अधिकारी भी यासीन मलिक से बात करने पहुंचे थे, लेकिन उसने भूख हड़ताल छोड़ने से मना कर दिया। आज तबीयत खराब होने के बाद यासीन को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दिल्ली के तिहाड़ जेल में यासीन मलिक भूख हड़ताल पर था। जिसके बाद उनको ड्रिप के जरिए लिक्विड दिया जा रहा था।

मलिक ने रुबैया सईद के अपहरण से जुड़े मामले में जम्मू की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अनुरोध किया था, लेकिन केंद्र सरकार से इस पर कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने भूख हड़ताल शुरू कर दी। मलिक इस मामले में आरोपी है।

यासीन मलिक प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का प्रमुख है और उसकी उम्र 56 साल है। मिली जानकारी के मुताबिक, उसको दिल्ली की तिहाड़ जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच कारागार संख्या-7 में एक अलग कोठरी में रखा गया था। डॉक्टर्स लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे थे। उसे रविवार से ड्रिप के जरिए तरल पदार्थ दिया जा रहा था।

तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के 8 दिसंबर 1989 को हुए अपहरण से जुड़े मामले में मलिक आरोपी है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सेंट्रल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन के स्पेशल जज के सामने पेश हुए मलिक ने कहा था कि वह रुबैया सईद के अपहरण से जुड़े मामले में जम्मू की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना चाहता है। मलिक ने कहा था कि 22 जुलाई तक अगर सरकार ने इस संबंध में अनुमति नहीं दी, तो वह भूख हड़ताल शुरू करेगा।

मलिक को इसी साल मई में दिल्ली की एक कोर्ट ने आतंकवाद को फाइनेंस करने के मामले में दोषी पाया था। जिसके बाद उसे कई मामलों में कारावास की सजा सुनाई गई थी और सभी सजाएं एक साथ चल रही हैं। उसे नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी द्वारा 2017 में दर्ज आतंकवाद के फाइनेंस मामले में साल 2019 की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था।

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