Dec 09 2022 / 9:01 AM

मोरबी पुल हादसे में अब तक 141 लोगों की मौत, राहत-बचाव कार्य जारी

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नई दिल्ली। गुजरात के मोरबी में हुए केबल ब्रिज हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक इस हादसे में 141 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। माना जा रहा है मृतकों की संख्या में और इजाफा देखने को मिल सकता है। जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से ही बचाव कार्य जारी है।

गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है, जबकि पीएम नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवार को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा है। बता दें कि मोरबी हादसे की पल-पल की जानकारी केंद्रीय मंत्री गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री दफ्तर को दी जा रही है। हादसे वाली पूरी रात शाह पीएमओ के संपर्क में रहे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया है।

मोरबी में हुआ पुल हादसा कितना बड़ा है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि रेस्क्यू ऑपरेशन में गुजरात पुलिस, गोताखोर, एनडीआरएफ और भारतीय नौसेना का जवान लगे हैं। फायर बिर्गेड की टीमें भी घटनास्थल पर मोर्चा संभाले हुए है।

गौरतलब है कि मोरबी का यह ऐतिहासिक केबल पुल 143 साल पुराना है। इसकी लंबाई 765 फीट है। इस पुल का उद्धाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई (पहले बंबई) के गर्वनर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। उस समय इसकी लागत 3.5 लाख रूपये आई थी। बताया जाता है कि पुल बनाने का सारा सामान इंग्लैंड से मंगाया गया था। दिवाली से पहले इस पुल की 2 करोड़ रूपये में मरम्मत की गई थी।

बता दें कि 38 साल पहले गुजरात में एक बांध हादसा हुआ था जिसमें सरकारी आंकड़ों के मुताबिक एक हजार लोग मारे गये थे। विपक्ष के मुताबिक25 हजार लोग मरे थे। 11 अगस्त 1979 को दोपहर करीब सवा तीन बजे मच्छू डैम टूट गयाथा, इसके चलते 15 मिनट में ही पूरा शहर पानी में डूब गया था। दो घंटे के अंदर मकान और इमारतें ढहने लगीं। और देखते ही देखते हजारों पशु व लोग काल कवलित हो गये थे।

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