Aug 09 2022 / 5:02 PM

राष्ट्रपति चुनाव: द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेंगे शिवसेना, शिवसैनिकों की मांग पर किया ऐलान





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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के लिए सरकार गंवाने के बाद अब पार्टी की बगावत संभालना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कल पार्टी के सांसदों की बैठक अपने आवास ‘मातोश्री’ पर बुलाई थी। इस बैठक में कुल 22 सांसदों में से 15 ही पहुंचे और उनमें से भी ज्यादातर ने दबाव बनाया था कि वह शिवसेना की ओर से एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन का ऐलान करें। तब संजय राउत ने यशवंत सिन्हा की वकाल की थी, लेकिन अकेले पड़ गए। इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा था कि वह विचार करेंगे और आज सुबह खुद संजय राउत ने ही मुर्मू के समर्थन का ऐलान कर दिया।

संजय राउत ने इस बारे में जानकारी देते हुए साफ किया है कि वो द्रौपदी मुर्मू का समर्थन कर रहे हैं लेकिन इसका मतलब भाजपा का समर्थन करना नहीं है। संजय राउत ने कहा कि आदिवासी नेता के नाम पर हम द्रौपदी मुर्मू को समर्थन दे रहे हैं। जनभावना का ख्याल रखते हुए ही ये निर्णय लिया गया है।

द्रौपदी मुर्मू के समर्थन के पीछे सांसदों के दबाव माना जा रहा है क्योंकि पार्टी के 55 में से 40 विधायक बागी एकनाथ शिंदे के साथ जा चुके हैं। इसके अलावा अब बाकी बचे सांसदों के भी शिंदे के समर्थन में होने की बात कही जा रही है। ऐसे में अगर शिवसेना प्रमुख ठाकरे अगर अपने सांसदों द्वारा द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की बात को नहीं मानते तो मौजूदा सांसदों के भी शिंदे गुट में शामिल होने की संभावना बनी हुई थी। ऐसे में एक तरह से देखा जाए तो शिवसेना ने बदले रुख के लिए सांसदों का दबाव माना जा रहा है।

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