Dec 08 2023 / 9:27 PM

नेपाल से अयोध्या पहुंची शालिग्राम की शिलाएं, बनेंगी भगवान राम की मूर्ति

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लखनऊ। अयोध्या में राम भक्तों के लिए आज का दिन बेहद खास है। दरअसल भगवान राम की प्रतिमा के लिए शालिग्राम की जो शिलाएं नेपाल से अयोध्या पहुंची हैं, उन्हें आज विधि विधान से पूजा के बाद राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया गया। इस मौके पर पूरी अयोध्या भक्ति भाव में डूबी नजर आई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिलाओं के दर्शन के लिए रामसेवक पुरम पहुंचे। किसी ने शिलाओं के सामने शीश झुकाया तो कोई भक्ति भाव में लीन होकर झूमता नजर आया। साधु संतों की मौजूदगी में शिलाओं का पूजन हुआ।

अब कुछ दिन में इन शिलाओं से भगवान राम और माता सीता की मूर्ति बनाई जाएगी। दोनों मूर्तियों को अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में रखा जाएगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने कहा, ये शालिग्राम चट्टानें 60 मिलियन वर्ष पुरानी हैं। दोनों चट्टानों को अलग-अलग ट्रकों के जरिए बिहार के रास्ते नेपाल से अयोध्या लाया गया है। एक चट्टान का वजन 26 टन जबकि दूसरे का वजन 14 टन है।

दोनों पत्थरों को नेपाल के म्यागडी और मस्तंग जिले से होकर बहने वाली काली गंडकी नदी से निकाला गया है। माता सीता की जन्मस्थली जनकपुर के रहने वाले नेपाली कांग्रेस के नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री बिमलेंद्र निधि की ओर से बताया गया कि जानकी मंदिर से समन्वय के बाद दो पत्थरों को गंडकी नदी से निकाल कर भेजा गया है। यहां शालिग्राम बहुतायत में पाए जाते हैं।

बिमलेंद्र निधि ने बताया कि गंडकी नदी में पाए जाने वाले पत्थर दुनिया में काफी प्रसिद्ध और कीमती हैं। माता जाता है कि ये पत्थर भगवान विष्णु के प्रतीक हैं। भगवान राम भगवान विष्णु के ही अवतार हैं। मैंने अपने सहयोगी और जानकी मंदिर के महंत (पुजारी) राम तपेश्वर दास के साथ अयोध्या का दौरा किया था। हमने ट्रस्ट के अधिकारियों और अयोध्या के अन्य संतों के साथ बैठक की थी। बैठक में निर्णय लिया गया था कि नेपाल की काली गंडकी नदी से पत्थरों की उपलब्धता पर राम लला की मूर्ति बनाना अच्छा होगा।

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