Feb 05 2023 / 11:17 AM

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति अल-सिसी से की मुलाकात, बोले- भारत और मिस्र दो सबसे पुरानी सभ्यताएं हैं

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नई दिल्ली। मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच अहम बैठक हुई। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए खतरा है। दोनों देश मिलकर आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को सचेत करेंगे। साथ ही रक्षा उद्योग को मजबूत करने और खूफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान का भी फैसला लिया गया है। कट्टरपंथ को बढ़ाने के लिए साइबर स्पेस का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। दोनों देश इससे निपटने के लिए भी साथ मिलकर काम करेंगे। यूक्रेन संकट के कारण प्रभावित फूड सप्लाई को फिर से सामान्य करने पर भी चर्चा की।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मिस्त्र पुराने सहयोगी हैं। मिस्त्र के राष्ट्रपति ने कहा कि भव्य स्वागत के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रगुजार हूं। हमारी बातचीत के दौरान हमने व्यापार, निवेश और आयात निर्यात को बढ़ाने पर चर्चा हुई। ग्रीन हाइड्रोजन और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग पर चर्चा हुई। भारत और मिस्त्र पुरानी सांस्कृतिक सभ्यताएं हैं। दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाए जाने पर भी बात हुई ताकि पर्यटन को बढ़ाया जा सके।

अब्देल फतह अल सीसी ने कहा कि हमने आतंकवाद से लड़ने, सीओपी 27 और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत की जी20 समिट में बतौर अतिथि देश इजिप्ट को आमंत्रित करने के लिए भी मिस्त्र के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।

इससे पहले मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी आगवानी की। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में मिस्त्र के राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे राजकीय सम्मान से उनका स्वागत किया गया। बता दें कि मिस्त्र के राष्ट्रपति इस बार के गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। पीएम मोदी के साथ बैठक से पहले मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी राजघाट भी गए और वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उल्लेखनीय है कि भारत और मिस्त्र के बीच कोरोना महामारी के बाद कारोबार में तेजी आई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान भारत और मिस्त्र के बीच व्यापार 7.26 अरब डॉलर रहा और बीते सालों के मुकाबले इसमें जबर्दस्त उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार को 12 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। मिस्त्र स्वेज नहर का भी विस्तार कर रहा है और भारत भी इसमें निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है। आज मिस्त्र के राष्ट्रपति की भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी बैठक होगी। अब्देल फतह अल सीसी मंगलवार शाम छह बजे सरकारी विमान से नई दिल्ली पहुंचे।

यह पहला मौका है जब मिस्र के राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस समारोहों में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। मिस्र की सेना की एक टुकड़ी भी गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगी। इससे पहले, बुधवार को सुबह मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सिसी का राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में मिस्र के राष्ट्रपति अल सिसी का पारंपरिक स्वागत किया।’ इस अवसर पर वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी आगवानी की।

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