Feb 25 2024 / 1:18 PM

नेशनल हेराल्ड केस: ईडी ने जब्त की एजेएल और यंग इंडिया की 751 करोड़ की संपत्ति

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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी को बड़ा झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक, नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी ने कांग्रेस से जुड़े एजेएल और यंग इंडियन की 751.9 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी ने यह संपत्ति है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि जब्त की गई संपत्ति में एजेएल की दिल्ली, मुंबई और लखनऊ सहित कई जगहों की प्रॉपर्टी शामिल है, जिसकी कुल कीमत 661.69 करोड़ रुपये है।

ईडी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी कर बताया कि न्यूज पेपर के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) और इसकी होल्डिंग कंपनी यंग इंडियन के खिलाफ (पीएमएलए) के अंतर्गत एक आदेश जारी किया गया था। ईडी की इस बयान में कहा गया है कि जांच में खुलासा हुआ है कि एजेएल के पास अपराध से हुई कमाई अचल संपत्तियों के रूप में है।

यह संपत्ति देश में दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे कई शहरों में है। इनकी कुल कीमत 661.69 करोड़ रुपये है। वहीं, यंग इंडियन के पास अपराध से प्राप्त कमाई 90.21 करोड़ रुपये है, जो एजेएल के ‘इक्विटी शेयर’ के रूप में है। बता दें कि ईडी इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से पूछताछ करने के बाद उनके बयान दर्ज कर चुकी है।

नेशनल हेराल्ड क्या है?
नेशनल हेराल्ड आजादी से पहले का अखबार था, जिसे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने शुरू किया था। शुरुआत में यह समाचार पत्र तीन अलग-अलग भाषाओं में प्रकाशित होता था। इनमें हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू शामिल थीं। हिंदी में इसका नाम नवजीवन, अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड और उर्दू में यह अखबार कौमी आवाज के नाम से जाना जाता था। कहा जाता है कि इस अखबार ने देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। पंडित नेहरू द्वारा स्थापित इस समाचार पत्र कंपनी का नाम एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड था।

नेशनल हेराल्ड में प्रकाशित लेखों ने देश के क्रांतिकारी नेताओं को शक्ति प्रदान की। उस समय इसमें प्रकाशित लेख इतने प्रभावशाली साबित हुए कि अंग्रेज भी डर गए और 1942 में इसके प्रकाशन पर प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि यह प्रतिबंध ज्यादा दिनों तक चल नहीं पाया और तीन साल बाद ही 1945 में यह अखबार फिर से शुरू हो गया।

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