Oct 06 2022 / 9:55 PM

आजाद के इस्तीफे बाद बोले मनीष तिवारी- हम कांग्रेस के किरायेदार नहीं, सदस्य हैं

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व सीनियर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर सांसद मनीष तिवारी ने भी अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले हम में से 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखा था कि पार्टी की स्थिति चिंताजनक है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उस पत्र के बाद कांग्रेस सभी विधानसभा चुनाव हार गई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पुराने नेताओं ने अपने खून-पसीने से संजोया है। अगर किसी को कुछ मिला वह ख़ैरात में नहीं मिला है। मनीष तिवारी ने कहा कि हमें किसी से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। मैंने इस पार्टी को 42 साल दिए हैं। मैं यह पहले भी कह चुका हूं, हम इस संस्था (कांग्रेस) के किरायेदार नहीं हैं। पार्टी के हम सदस्य हैं। अब अगर आप हमें बाहर निकालने की कोशिश करेंगे तो यह दूसरी बात है।

मनीष तिवारी ने कहा कि हम गुलाम नबी आजाद के पत्र के गुण-दोष में नहीं जाना चाहते। वह समझाने की सबसे अच्छी स्थिति में होंगे। जब कोई चापलूस ज्ञान देता है तो हंसी आती है। बता दें कि मनीष तिवारी की भी गिनती कांग्रेस के जी-23 नेताओं में होती है। वह भी कई बार पार्टी की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठा चुके हैं।

गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि उत्तर भारत के लोग जो हिमालय की चोटी की ओर रहते हैं वे जज़्बाती और खुददार लोग होते हैं। पिछले 1000 साल से इनकी तासीर आक्रमणकारियों के खिलाफ लड़ने की रही है। किसी को इन लोगों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।

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