Aug 09 2022 / 3:57 PM

पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी पर बोलीं ममता बनर्जी- मैं भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती





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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को शिक्षक भर्ती घोटाले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए गिरफ्तार टीएमसी मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी से खुद को दूर कर लिया है। एक सभा को संबोधित करते हुए, ममता बनर्जी ने यह कहते हुए घोटाले के विवाद को कम करने का प्रयास किया कि वह ‘भ्रष्टाचार या किसी भी गलत काम का समर्थन नहीं करती हैं’।

ममता बनर्जी ने कहा सच्चाई के आधार पर एक निश्चित समय सीमा के भीतर फैसला दिया जाना चाहिए। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी जाती है। अगर कोई गलत गतिविधियों में शामिल है, तो हम में से कोई भी हस्तक्षेप नहीं करेगा। चाहे वे कितने भी कठोर फैसले का सामना करें। हम उनका समर्थन नहीं करेंगे। मैं धमकियों के आगे नहीं झुकूंगी।

भाजपा पर हमला बोलते हुए ममता ने कहा, अगर भाजपा सोचती है कि वह एजेंसियों का इस्तेमाल करके किसी पार्टी को तोड़ देगी तो यह गलत है। ममता बनर्जी ने कहा, मैंने कभी निजी फायदे के लिए राजनीति नहीं की। मैं राजनीति देश, समाज और लोगों की सेवा के लिए करती हूं। मैंने कभी सैलरी नहीं ली। हां मैं यह भी दावा नहीं करती कि मैं कोई संत हूं।

ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता को लेकर भी कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अर्पिता का सरकार और पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, एक बार मैं दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल में गई थी तो पार्थ ने एक लड़की को अपना मित्र बताया था। मैं कोई भगवान नहीं हूं जो कि सबके दोस्तों के बारे में जानकारी हो।

बता दें कि शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में ईडी ने ममता सरकार के कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा कई ठिकानों पर की गई छापेमारी में उनकी आय से अधिक संपत्ति का भी खुलासा हुआ है। दो दिन कि हिरासत मिलने के बाद उनकी तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें भुवनेश्वर के एम्स में भर्ती कराया गया।

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