Aug 13 2022 / 5:29 AM

भाजपा ने मेरी बात मान ली होती तो आज महाराष्ट्र में उनका मुख्यमंत्री होता: उद्धव ठाकरे





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मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भाजपा और शिंदे के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली है, तो वहीं खुद को महाराष्ट्र की जनता का सेवक करार दिया और कहा कि कोई भी उनके दिल से महाराष्ट्र को नहीं निकाल सकता है। वे जीवनपर्यंत महाराष्ट्र की जनता की सेवा में प्रतिबद्ध रहेंगे।

उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया है कि कोई भी शिवसेना का मुख्यमंत्री नहीं बना है। जिन लोगों ने मेरे साथ छलावा किया है, वो कभी असली शिवसैनिक नहीं थे। उन्होंने आगे कहा कि हर मतदाता को अधिकार होना चाहिए कि वे जिन्हें वोट दे रहे हैं, उसे वापस बुला जा सकें।

उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों ने देखा है कि किस तरह मेरे पीठ पर छुरा घोंपा गया है। अगर भाजपा ने मेरी बात मान ली होती, तो कम से कम उनका अपना मुख्यमंत्री तो रहता। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में सब कुछ तय था। यह सब कुछ पहले ही तय किया जा चुका था। बस मनासिब वक्त का इंतजार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मैं सत्ता के लिए कभी गद्दार नहीं करूंगा। सत्ता तो आती है और जाती है।

उद्धव ने यह भी कहा कि अगर अमित शाह ने मेरी बात मान ली होती है, तो आज महाविकास अघाड़ी सरकार का गठन ही नहीं हुआ होता। उन्होंने आगे कहा कि मेरे प्रति जो तुम्हारा गुस्सा है, उसे मेहरबानी करके महाराष्ट्र की जनता पर मत दिखाओ। मेट्रो शेड के प्रस्ताव में बदलाव कर पर्यावरण के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ मत करो।

बता दें कि महाराष्ट्र में लंबे राजनीतिक गतिरोध के बाद उद्धव ठाकरे को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद शिवसेना के ही एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। एकनाथ शिंदे ने करीब 40 शिवसेना विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया था, जिसके बाद उद्धव ठाकरे की सरकार कमजोर पड़ गई। उद्धव ठाकरे एनसीपी और कांग्रेस की मदद से महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी सरकार चला रहे थे, लेकिन अब राज्य में शिवसेना और बीजेपी ने सरकार बनाई है, जिसमें एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने हैं, तो महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

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