Nov 27 2022 / 5:16 AM

UNSC बैठक में बोले विदेश मंत्री जयशंकर- भारत कभी भी 26/11 हमले को नहीं भूलेगा

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मुंबई। आतंकवाद का घिनौना चेहरा देखने वाले मुंबई के ताज होटल में आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधी समिति की बड़ी बैठक हुई। इस बैठक के शुरू होने से पहले सभी देशों के राजदूतों ने 26/11 हमले में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिना नाम पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला है। इस बार उन्होंने 26/11 मुंबई हमले का जिक्र कर पड़ोसी मुल्कि पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि 14 साल बाद भी मुबंई हमले का पूरी तरह से इंसाफ होना अभी बाकी है। मुंबई हमले के गुनहगार अब भी सुरक्षित रखा गया है। उनको सजा दिलाने का काम अभी बाकी है।

जयशंकर ने कहा कि, अगले महीने हम मुंबई हमले की 14वीं बरसी मनाएंगे। इस हमले का एक आरोपी जिंदा पकड़ा गया और देश की सर्वोच्च अदालत ने उसे सजा सुनाई। जबकि हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं को अभी भी बचाया जा रहा है और उन्हें अब तक सजा नहीं मिली है।

विदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर ने कहा कि, आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए, मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। हमने आज पीड़ितों की आवाज सुनी है। उनका नुकसान अतुलनीय है। हम उस आघात को याद रखें और आतंकवाद के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के अपने प्रयासों में लगे रहें।

उन्होंने आगे कहा कि, आतंकवाद का मुकाबला करने का एक प्रमुख पहलू आतंकवाद के फाइनेंसिंग को प्रभावी ढंग से रोकना है। आज आतंकवाद विरोधी समिति स्थानीय और क्षेत्रीय संदर्भ में आतंकवाद के फाइनेंसिंग का मुकाबला करने पर विशेषज्ञों से भी चर्चा करेगी।

भारतीय विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों और संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 26/11 स्मारक स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित की और पीड़ितों की याद में एक मिनट का मौन रखा। शनिवार को ये बैठक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होगी। इन बैठकों में चीन के राजनयिक भी भाग लेंगे।

इस बैठक में समिति मुख्य रूप से तीन चुनौतियों पर विचार करेगी, जिसमें पहला- आतंकवादी कार्रवाइयों में इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग, दूसरा- धन उगाही के लिए भुगतान की नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और तीसरा- ड्रोन जैसे मानवरहित हवाई उपकरण का उपयोग शामिल है।

इस बैठक में अल्बानिया, ब्राजील, चीन, फ्रांस, गैबॉन, घाना, भारत, आयरलैंड, केन्या, मैक्सिको, नॉर्वे, रूसी संघ, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

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