Nov 27 2022 / 5:26 AM

केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला- दिल्ली में कल से बंद रहेंगे प्राथमिक स्कूल

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त प्रदूषण की मार से बेहाल है। राष्ट्रीय राजधानी के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। पूरे दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर घुल गया है। इसी बीच राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्राथमिक स्कूलों को कल से बंद करने का फैसला किया है। केजरीवाल सरकार ने ऐलान किया है कि स्थिति में सुधार होने तक दिल्ली के प्राथमिक स्कूल बंद रहेंगे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि खराब एयर क्वालिटी सिर्फ दिल्ली की समस्या नहीं, केंद्र को कदम उठाने की जरूरत है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने प्रदूषण को लेकर बातचीत की।

केजरीवाल ने केंद्र से हस्तक्षेप करने और जिम्मेदारी लेने का आग्रह करते हुए कहा कि समस्या कृषि राज्य पंजाब या दिल्ली तक सीमित नहीं है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में हम कल से दिल्ली के सभी प्राथमिक स्कूलों को बंद कर रहे हैं। साथ ही कक्षा 5 से ऊपर की सभी कक्षाओं के लिए बाहरी गतिविधियों को भी बंद कर रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा कि हम इस पर भी विचार कर रहे हैं कि क्या वाहनों के लिए ऑड-ईवन योजना लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण पूरे भारत के लिए एक संकट है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में गंभीर वायु प्रदूषण दर्ज किया गया है, क्योंकि दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार दूसरे दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है।

केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में आग को बढ़ाने के लिए हम पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार बनाने के सिर्फ छह महीने हुए हैं। उन्होंने कहा, हमने इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। अगले साल तक पराली जलाने में कमी आएगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार को वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक संयुक्त कार्य योजना के साथ आना होगा और यह उंगली उठाने का समय नहीं है।

उन्होंने पार्टी के सहयोगी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, केजरीवाल सरकार खराब वायु गुणवत्ता के लिए पूरी तरह जिम्मेदार नहीं है।

वहीं, भगवंत मान ने कहा कि पराली जलाना बढ़ रहा है क्योंकि कृषि उपज भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अगले साल धान से विविधता लाने पर विचार कर रही है, जब तक कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता है, और बाजरा, पोपलर और सब्जियों जैसे विकल्पों का सुझाव दिया जाता है।

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