Aug 19 2022 / 7:52 AM

शिक्षक भर्ती घोटाला: गिरफ्तारी के बाद अर्पिता मुखर्जी की 4 कारें गायब, जांच में जुटे अधिकारी





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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में अर्पिता मुखर्जी के घर और फ्लैटों से करोड़ों की नकदी बरामद होने के बाद एक नया मामला सामने आया है, जिसमें अर्पिता की चार ऐसी कारें गायब हैं, जो फ्लैट की सोसायटी में ही खड़ी रहती थी।

ईडी के सूत्रों के अनुसार अर्पिता की यह चारों कारें उसके डायमंड सिटी कॉम्प्लेक्स से गायब बताई गई हैं। इनमें से दो कारें अर्पिता के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। अब सीसीटीवी फुटेज से यह कारों के बारे में सुराग का पता लगाया जा रहा है। इन दो गाड़ियों में एक होंडा सिटी और दूसरी ऑडी हैं। इससे पहले ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय को गुरुवार को अर्पिता के एक और फ्लेट के बारे में जानकारी मिली थी।

बता दें कि पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में ममता सरकार के गिरफ्तार हुए मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी ने अपने बहनोई को 3 फर्जी कंपनियों का डायरेक्टर नियुक्त किया था। अधिकारियों ने पाया कि तीन फर्जी कंपनियों सिम्बायोसिस मर्चेट प्राइवेट लिमिटेड, सेंट्री इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और एचे एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक के रूप में अर्पिता मुखर्जी और कल्याण धर के नाम हैं। अधिकारियों को अंत में पता चला कि धर अर्पिता की छोटी बहन का पति है।

अर्पिता मुखर्जी बेलघोरिया में क्लब टाउन सोसाइटी में रहती हैं और यहां उनके दो फ्लैट हैं। उनके घर से लगातार कैश और कीमती सामान निकला है लिहाजा सोसाइटी के लोगों की नजरें भी उनके फ्लैट पर टिकी हैं। इतना सारा कैश देखकर लोग हैरान हैं। सोसाइटी के अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि किसी के घर में इतना पैसा कैसे रखा जा सकता है।

उधर, अर्पिता मुखर्जी ने कोलकाता के टॉलीगंज और बेलघरिया में उनके दो आवासों से लगातार दो बार भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने के बाद गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के सामने कबूल किया कि बरामद पैसा पार्थ चटर्जी का है। अर्पिता के मुताबिक मुझे नहीं पता पैसा कहां से आया और कैसे कमाया गया। इसी बीच ईडी जल्द अर्पिता और पार्थ चटर्जी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी कर रहा है। अर्पिता के मुताबिक मैंने इस पैसे का इस्तेमाल नहीं किया।

ईडी ने तीन बैंक खाते भी सील किए, जिसमें करीब ढाई करोड़ रुपये जमा हैं। सूत्रों के मुताबिक अर्पिता का कहना है कि पार्थ चटर्जी के लोग उसके घर में एक कमरे में पैसा रखकर चले जाते थे। उस कमरे में जाने की इजाजत अर्पिता को नहीं थी। अलमारी में लॉक भी उनका आदमी ही लगाता था। फिलहाल अर्पिता ने पूरी बरामदगी से पल्ला झाड़ लिया है।

बता दें कि ईडी ने 23 जुलाई को अर्पिता के फ्लैट पर पहली बार छापा मारा था। इस दौरान ईडी को करीब 21 करोड़ रुपए कैश मिला था। इतना ही नहीं ईडी ने अर्पिता के घर से 20 मोबाइल और 50 लाख रुपए की ज्वैलरी भी बरामद की थी। ईडी को अर्पिता के घर से करीब 60 लाख की विदेशी करेंसी भी मिली थी। इसके बाद ईडी ने अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया था।

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