Aug 09 2022 / 4:35 PM

राष्ट्रपत्नी वाले बयान पर अधीर रंजन चौधरी ने मांगी माफी, कहा- मैंने गलती से कह दिया, मुझे हिंदी की आदत नहीं





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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर संबोधित किया और इसके बाद समूची सरकार उनके खिलाफ हो गई। सत्ता पक्ष के तमाम सांसद और नेता अधीर रंजन चौधरी के पीछे पड़ गए और उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की बात होने लगी। दरअसल अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए ‘राष्ट्रपत्नी’ का इस्तेमाल किया था। इसके बाद वह लगातार भाजपा नेताओं के निशाने पर बने हुए हैं।

इस बीच अधीर रंजन चौधरी ने माफी मांगी है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं एक बंगाली हूं, मुझे हिंदी की आदत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि मुझसे गलती हुई है, मैंने जानबूझ कर ये नहीं कहा था, मेरे मुंह से ये गलती से निकल गया था। चौधरी ने इस मामले में भाजपा पर “तिल का पहाड़” बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहना ‘जुबान फिसलना’ है।

गौरतलब है कि इस मामले में सत्ता पक्ष की महिला मंत्रियों और सांसदों की विरोध की वजह से संसद के दोनों सदनों को पहले दोपहर 2 बजे और फिर शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस को संसद में और भारत की सड़कों पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक महिला सोनिया गांधी के नेतृत्व में होने के बावजूद कांग्रेसी संवैधानिक पदों पर बैठीं महिलाओं को नीचा दिखाते हैं।

चौधरी ने कहा कि इस शब्द का इस्तेमाल केवल एक बार गलती से किया गया था और कभी भी राष्ट्रपति के प्रति अनादर का इरादा नहीं था, चौधरी ने कहा कि भाजपा ने संसद के दोनों सदनों को रोक दिया और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से देश से माफी मांगने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही राष्ट्रपति से मिलने का वक्त मिल जाएगा। उन्होने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान मैं उनके सामने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दूंगा।

मुझे क्या करना चाहिए? मैंने यह कहा और महसूस किया कि मैंने गलत शब्द कहा है। मैंने उन मीडियाकर्मियों की भी तलाश की, जिनसे मैंने यह कहा था। चौधरी ने कहा कि मैं उन पत्रकारों को कहना चाहूंगा कि इस पर ध्यान केंद्रित न करें। उन्होंने आगे कहा, हालांकि मैं उन्हें नहीं ढूंढ सका। इसके बाद बाद में एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति, चाहे वह ब्राह्मण हो या आदिवासी, सभी का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कल, जब हम विजय चौक पर धरना दे रहे थे।

उस दौरान पत्रकारों ने पूछा कि हम कहां जाना चाहते हैं। इसके जवाब में मैंने गलती से सिर्फ एक बार ‘राष्ट्रपपत्नी’ शब्द का इस्तेमाल किया। मैंने पत्रकारों से मेरा वीडियो न दिखाने का आग्रह किया। जहां मैंने गलती की है। भाजपा अब इसे लेकर विवाद खड़ा कर रही है। चौधरी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के खिलाफ “मसाला” ढूंढ रही है। उन्होंने कहा कि मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। देश की सर्वोच्च कुर्सी को नीचा दिखाने का मेरा कतई इरादा नहीं है।

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