May 29 2022 / 7:40 AM

आर्थिक संकट से जूझ रहा है श्रीलंका, महंगाई से त्रस्त लोगों ने राष्ट्रपति का घर घेरा





कोलंबो। बिगड़ते आर्थिक संकट को लेकर श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के बाद कोलंबो के कई हिस्सों में रात भर लगा कर्फ्यू आज सुबह करीब 5 बजे हटा लिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति आवास के बाहर कल के विरोध प्रदर्शन में कथित संलिप्तता के आरोप में 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने कहा, पांच पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए, जबकि वाहनों में आग लगा दी गई। अधिकारियों ने कहा कि घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कोलंबो उत्तर, दक्षिण, कोलंबो सेंट्रल, नुगेगोडा, माउंट लाविनिया और केलानिया पुलिस डिवीजनों में कर्फ्यू लगाया गया था।

कल राजधानी में श्रीलंका के राष्ट्रपति के घर पर धावा बोलने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें कीं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में पुरुषों और महिलाओं को ‘पागल, पागल घर जाओ’ चिल्लाते हुए और शक्तिशाली राजपक्षे परिवार के सभी सदस्यों को पद छोड़ने की मांग करते हुए दिखाया गया है।

आजादी के बाद से सबसे खराब आर्थिक मंदी से जूझ रहा देश हफ्तों से खाद्य और आवश्यक वस्तुओं, ईंधन और गैस की गंभीर कमी से जूझ रहा है। ईंधन आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा की कमी के कारण संकटग्रस्त देश के कई हिस्से 13 घंटे तक बिजली कटौती से जूझ रहे हैं।

संकट समय पर कर कटौती और ऐतिहासिक रूप से कमजोर सरकारी वित्त के साथ मिलकर कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव का परिणाम है, जिसके कारण पिछले दो वर्षों में विदेशी मुद्रा भंडार में 70 प्रतिशत की गिरावट आई है।

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