May 26 2022 / 11:06 AM

परशुराम जयंती 2022: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया परशुराम जयंती कहलाती है। इस बार परशुराम जयंती 3 मई दिन मंगलवार को मनाई जाएगी। इस दिन दान पुण्य करने से परशुराम भगवान का आशीर्वाद भक्तों को मिलता है। मान्यता है जब पृथ्वी पर ऋषि मुनि और ब्राह्मणों पर अत्याचार बढ़ गया था तब भगवान विष्णु ने परशुराम का अवतार लिया था। परशुराम भगवान को विष्णु का छठा अवतार कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इनका जन्म कुत्रेष्ठि यज्ञ से जमदग्नि ऋषि के यहां हुआ था।

शुभ मुहूर्त-

परशुराम जयंती 2022 की शुरुआत तिथि – 3 मई 2022, दिन मंगलवार
तृतीया तिथि की शुरुआती समय – 3 मई, मंगलवार प्रात: 5:20 से
तृतीया तिथि की समाप्ति की तिथि और समय – 4 मई 2022, बुधवार को सुबह 7:30 बजे तक

पूजा विधि-

परशुराम जयंती पर सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
अब स्वच्छ एवं साफ कपड़े पहन कर पूजा घर को गंगाजल से शुद्ध करें।
अब चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान परशुराम की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
भगवान परशुराम के चरणों में चावल, फूल और अन्य पूजा सामग्री चढ़ाएं।
फल का भोग लगाकर धूप दीप करके परशुराम जी की आरती करें।

महत्व-

हिन्दू धर्म धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान परशुराम का जन्म ब्राह्माणों और ऋषियों पर होने वाले अत्याचारों खत्म करने के लिए हुआ था। इस दिन दान-पुण्य करने का खास महत्व है। मान्यता है कि इस जयंती के दिन पूजा करने से फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जिन लोगों की संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है उन लोगों को इस दिन पूजा-पाठ और उपवास करना चाहिए।

Chhattisgarh