May 24 2022 / 6:17 AM

महाशिवरात्रि पर करें इन मंत्रों का जाप, हर मनोकामना पूरी करेंगे शिव

फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव को अत्यंत ही प्रिय महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है। वैसे तो पूरे साल आप किसी भी दिन भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं। लेकिन महाशिवरात्रि का अपना एक अलग महत्व है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है।

इन मंत्रों का जाप करें-

ऊं नमः शिवाय

ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

ऊं तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।

दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनं पापनाशनम् |
अघोरपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम् ||

(शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाते समय ये मंत्र बोलना चाहिए)

कैसे करें मंत्रों का जाप?

सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी मंदिर में या घर पर ही शिवजी की पूजा करें।
शिवजी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
कुश के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से इनमें से किसी एक मंत्र का जाप करें।
कम से कम 5 माला जाप अवश्य करें। इसके बाद शिवजी की आरती करें।

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