May 24 2022 / 5:16 AM

जहांगीरपुरी हिंसा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुलडोजर पर लगा ब्रेक, कल फिर होगी सुनवाई

नई दिल्ली। हनुमान जयंती के मौके पर राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हुई हिंसा के बाद पुलिस लगातार शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी हुई है। अब तक इस हिंसा में संलिप्त 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें से 5 के खिलाफ रासूका लगाई जा चुकी है। इसी कड़ी में आज उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा जहांगीरपुरी में स्थित अवैध झुग्गियों पर बुलडोजर चलाने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन पूरे लावलश्कर के साथ पहुंच भी चुका था, लेकिन इस बीच में ही ध्वस्तिकरण की कार्रवाई पर विराम लगा दिया गया, क्योंकि जमीएत-उलेमा-ए-हिंद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में अवैध झुग्गियों पर विराम लगाने की दिशा में ध्वस्तिकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसे देखते हुए अवैध झुग्गियों पर कार्रवाई नहीं हो पाई। वहीं, स्थानीय लोग भी भारी संख्या में निगम की कार्रवाई का विरोध करने आ गए थे।

हालांकि कोर्ट के आदेश के बाद भी तोड़फोड़ जारी रही। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर, राजा इकबाल सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और जब तक वे ऐसा नहीं करते तब तक अवैध निमार्ण को हटाने का अपना काम जारी रखेंगे।

इलाके में बढ़ते तनाव के बीच जैसे ही एक जेसीबी करने वाले ने मस्जिद के गेट और उसके पास की दुकानों को तोड़ दिया, वकील दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने निर्देश दिया कि अदालत के आदेश को “अधिकारियों को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए”।

लगभग उसी समय, सीपीएम की वरिष्ठ नेता वृंदा करात आदेश की कॉपी के साथ क्षेत्र में पहुंचीं। जैसे ही विध्वंस रुका, उसने कहा, “हम जहांगीरपुरी के निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं।”

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