Jul 02 2022 / 1:01 AM

सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर नहीं लगाई रोक, योगी सरकार से 3 दिन में मांगा जवाब





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नई दिल्ली। नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान दिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के बाद यूपी सरकार द्वारा कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में नामित बदमाशों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया। जस्टिस बोपन्ना और विक्रम नाथ की बेंच ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई खत्म होने के बाद कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है। कोर्ट ने यूपी में बुलडोजर से हो रही कर्रवाई पर सरकार से जवाब मांगा है।

कोर्ट ने अपनी नोटिस में उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि जो बुलडोजर की कार्रवाई की गई है क्या वह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है या नहीं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से यह स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी तोड़फोड़ की कार्यवाही कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हो।

कोर्ट ने इस मामले में आगे कहा कि राज्य को सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। कोर्ट ने कुछ मामलों का हवाला देते हुए कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि बदले की कार्यवाही के तहत ऐसा किया गया है। यह सही और गलत दोनों हो सकता है।

कोर्ट ने कहा कि जो भी विध्वंस किया जाए वह कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप की जानी चाहिए। बता दें कि यूपी सरकार की तरफ से सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता मामले की अगुवाई कर रहे हैं। कोर्ट ने तुषार मेहता को कहा कि आप जवाब दाखिल करें और सुनिश्चित करें कि इस दौरान कुछ भी अनहोनी न हो।

वहीं जमीयत की तरफ से सी.यू. सिंह अपना पक्ष रख रहे हैं। बहस के दौरान सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बुलडोजर एक्शन को बदले की भावना से किया जा रहा बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई को राज्य सरकार द्वारा सही ठहराया जा रहा है। राज्य में लोगों को पत्थरबाज और गुंडा का नाम देकर उनके घरों को ढहाया जा रहा है।

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