May 26 2022 / 11:14 AM

लोकसभा में बोलीं सोनिया गांधी – बच्चों को बेहतर पोषण चाहिए, मिड डे मील तत्काल शुरू करे

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को सरकार से आईसीडीएस (ICDS) कार्यक्रम के तहत गरम और पका हुआ भोजन और मिड-डे-मील को भी फिर से तुरंत शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण दो साल से स्कूल बंद होने के बाद छात्रों ने अब दोबारा शारीरिक कक्षाओं में भाग लेना शुरू कर दिया है।

लोकसभा में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के बारे में बोलते हुए, उन्होंने उस योजना को फिर से शुरू करने की मांग की जिसके तहत बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन मिलता है। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों को आकर्षित करने में भी मदद करेगा जो महामारी के दौरान स्कूलों से बाहर हो गए थे।

गांधी बोलीं, महामारी शुरु होने के बाद से हमारे बच्चों को, जो हमारा भविष्य हैं, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। देश की सभी संस्थाओं में से स्कूल ही सबसे पहले बंद हुए थे और सबसे आखिर में खुले हैं। जब स्कूल बंद हुए थे तो मिड-डे-मील की व्यवस्था भी रुक गई थी। ये तो राष्ट्रीय फूड सिक्योरिटी एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश थे जिनके कारण लोगों को सूखा राशन दिया गया, लेकिन बच्चों के लिए सूखा राशन, पके हुए पौष्टिक भोजन का कोई विकल्प नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि आईसीडीएस (ICDS) कार्यक्रम के तहत गरम और पका हुआ भोजन फिर से शुरु किया जाए और मिड-डे-मील को भी तुरंत शुरु किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आंगनबाडियों के माध्यम से गरम, पका हुआ भोजन तीन साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी उपलब्ध होना चाहिए और इसके लिए कम्यूनिटी किचन शुरु करने का प्रावधान करना चाहिए।

केंद्र ने 29 सितंबर को 1.1 मिलियन से अधिक सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों के लिए समग्र पोषण सुनिश्चित करने के लिए पांच साल के लिए पीएम पोषण योजना को मंजूरी दी थी। यह योजना स्कूलों के लिए मिड-डे-मील कार्यक्रम को समाहित कर देगी। केंद्र का लक्ष्य 2022 तक बच्चों में कुपोषण को खत्म करना और स्टंटिंग, अल्पपोषण, एनीमिया आदि के स्तर को कम करना है।

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