Jul 02 2022 / 1:36 AM

महाराष्‍ट्र सियासी संकट: उद्धव ठाकरे बोले- मेरे सामने आकर बोलते मैं इस्तीफा दे देता





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मुंबई। महाराष्ट्र में सत्ता बचाने की लड़ाई में शिवसेना अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बड़े संकट में आ गई है। इस बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव के जरिए जनता से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर मैं इस्तीफा देता हूं और शिवसेना का कोई और सदस्य मेरे बाद मुख्यमंत्री बनता हूं तो मुझे खुशी होगी।

उद्धव ने कहा, मुझे दुख इस बात का है, मुझे झटका इस बात का लगा कि अगर अपने ही लोग मुझे सीएम नहीं चाहते, सूरत में या कहीं और जाकर बोलने की क्या जरूरत है? मेरे सामने आकर बोलते कि आप सीएम बनने के लायक नहीं तो मैं कुर्सी खुद छोड़ देता। आपने सूरत जाकर यह बात क्यों कही? यहां मेरे सामने कहते कि आप सीएम नहीं चाहिए।

ठाकरे ने कहा, अगर एकनाथ शिंदे आकर बोल दें तो मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। सब लोगों ने मेरा समर्थन किया लेकिन अपने ही लोगों ने समर्थन नहीं किया। अगर मेरे खिलाफ एक भी वोट विरोध में जाता है तो में मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार हूं।

आगे उन्होंने कहा, जिन शिवसैनिकों को लगता है की मैं शिवसेना प्रमुख पद के लायक भी नहीं हूं तो मुझसे कहें, मैं पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। सीएम उद्धव नहीं तो कोई भी हो चलेगा। कोई शिवसैनिक सीएम बने तो मैं अपनी कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार हूं। मैं पद छोड़ने के लिए तैयार हूं लेकिन आप लोग सामने आकर बोलें। मेरे ही लोग मुझपर अविश्वास दिखा रहे हैं। बागी कहें तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। आप सभी मेरे घर के हैं, यह मेरी कमाई है। मुझे सत्ता का लालच नहीं। मैं कुर्सी छोड़ दूंगा। जनता मेरे जिंदगी भर की कमाई है। मैं नाटक नहीं कर रहा हूं।

ठाकरे ने कहा, शरद पवार ने मुझे कहा था सरकार बनाते समय कि अब सबकुछ तय हो गया है, लेकिन आपको नेतृत्व करना होगा। मैंने कहा था कि मुझे अनुभव नहीं है, लेकिन मैंने चुनौती स्वीकारी। पवार ने सीएम पद स्वीकारने को कहा था। तीनों दलों के बीच हुई बैठक में पवार साहब ने मुझसे कहा कि आपको मुख्यमंत्री बनना होगा। उन्होंने कहा, आज कमलनाथ और शरद पवार ने फोन कर मुझ पर विश्वास दिखाया। आज सुबह कमलनाथ और पवार साहब की कॉल आई और उन्होंने कहा कि हम तुम्हारे साथ हैं।

सीएम ने कहा, कुछ लोग कहते हैं कि मैं कार्यकर्ताओं से नहीं मिलता, जबकि कोरोना काल में मुझे लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताया गया था। मेरा ऑपरेशन हुआ था इसलिए कुछ दिन लोगों से नहीं मिला। शिवसेना और हिंदुत्व एक दूसरे के पूरक हैं। शिवसेना ने हिंदुत्व नहीं छोड़ा है। शिवसेना की धड़कन ही हिंदुत्व है। हम पहले भी हिंदू थे, और आज भी हिंदू हैं। यह बालासाहेब वाली ही शिवसेना है। मैंने बालासाहेब को जो वचन दिया था, उसी वचन को पूरा करने की जिम्मेदारी उठा रहा हूं।

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