May 29 2022 / 6:48 AM

जनरल मनोज पांडे ने थल सेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया





नई दिल्ली। जनरल मनोज पांडेय ने शनिवार को थल सेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे से थल सेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। वह आजाद भारत के 29 वें सेना प्रमुख बने हैं। खास बात ये है कि वह कोर ऑफ इंजीनियर्स के पहले ऐसे अधिकारी हैं, जिन्हें यह अवसर मिला है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को लेकर पहले ही सहमति दे दी थी। रक्षा मंत्रालय ने पिछले सोमवार को कहा था सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे को अगले सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे पहले इंजीनियर हैं, जिनकी बतौर भारतीय सेना के चीफ के तौर पर नियुक्ति होने वाली है। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे नेशनल डिफेंस एकेडमी के एलुम्नाई रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर में 1982 में कमीशंड हुए थे। मनोज मुकुंद नरवणे के बाद लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ही सेना में सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे। उनके पास 39 वर्षों का अनुभव है।

मनोज पांडे ने पश्चिमी थिएटर में एक इंजीनियर ब्रिगेड, एलओसी पर पैदल सेना ब्रिगेड, लद्दाख सेक्टर में एक पर्वतीय डिवीजन और उत्तर पूर्व में एक कोर की कमान संभाली। पूर्वी कमान का कार्यभार संभालने से पहले वह अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ का कार्यभार संभाल चुके हैं।

सेवानिवृत्ति से पहले थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। जनरल एम एम नरवणे से मिलने के बाद रक्षा मंत्री ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। रक्षा मंत्री ने लिखा कि 42 साल देश की सेवा करने के बाद आज सेवानिवृत्त हो रहे थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे से शानदार मुलाकात। एक सैन्य नेता के रूप में उनके योगदान ने भारत की रक्षा क्षमताओं और तैयारियों को मजबूत किया है। मैं उनके भविष्य के प्रयासों में उनकी सफलता की कामना करता हूं।

इससे पहले थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी पत्नी वीना नरवणे के साथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रथम महिला सविता कोविंद से मुलाकात की। गौरतलब है कि जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को देश का अगला सीडीएस बनाए जाने की संभावना है।

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