May 26 2022 / 10:33 AM

यूक्रेन में फंसे भारतीयों को स्वेदश लाने के प्रयास हुए तेज

नई दिल्ली। रूस ने तो अपनी खुन्नस निकालने के लिए यूक्रेन पर हमला कर दिया है, लेकिन इस हमले के बाद भारत के समक्ष एक बड़ा संकट है कि आखिर यूक्रेन और आसपास के इलाकों में फंसे हिंदुस्तानियों को कैसे निकाला जाए। भारत सरकार अपनी तरफ से युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे हिंदुस्तानियों को निकालने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।

इस सिलसिले में कल यानी की विगत शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी वार्ता की थी। इस वार्ता के उपरांत पुतिन ने अपने सैनिकों को यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सकुशल निकालने के निर्देश दे दिए थे।

अब खबर है कि युद्धग्रस्त क्षेत्र रोमानिया में फंसे हिंदुस्तानियों को निकालने के लिए एयर इंडिया बुखारेस्ट में लैंड हो चुका है। यह विमान आज सुबह ही मुंबई से रवाना हुआ था। इसे विशेष जिम्मेदारी प्रदान की गई है कि यह युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे हिंदुस्तानियों को निकालने की दिशा में अपनी कोशिश को चरम पर पहुंचाने की दिशा में काम करे।

यह विमान Boeing 787 है। इस विमान में तकरीबन 250 यात्री सवार हो सकते हैं। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संदर्भ में विशेष जानकारी देते हुए कहा कि उड़ान संख्या एआई1943 ने तड़के करीब तीन बजकर 40 मिनट पर मुंबई हवाईअड्डे से उड़ान भरी थी और वह भारतीय समयानुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे बुखारेस्ट हवाईअड्डे पर लैंड हुई थी।

इसके साथ ही एक अधिकारी ने यूक्रेन में फंसे हिंदुस्तानियों को निकालने के संदर्भ में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे अधिकांश हिंदुस्तानी यूक्रेन रोमानिया के सीमा में पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि इन सभी लोगों को पहले बुखारेट ले जाया जाएगा, जिसके बाद इन्हें सकुशल रोमानिया लाया जाएगा।

वहीं, भारत सरकार भी यूक्रेन में फंसे हिंदुस्तानियों को निकानले के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। बता दें कि आज यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध का तीसरा दिन है। कथित तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बिना सोचे समझें अपने सैनिकों को यूक्रेन पर हमला करने का निर्देश दे दिया है। जिससे वैश्विक मंच पर हालता संजीदा हो चुका है।

आज यानी की शनिवार को युद्ध का तीसरा दिन है। उधर, विश्व का एक धड़ा इस युद्ध को शांत कराने की दिशा में अपने तरफ से सभी कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। अब ऐसे में यह देखना होगा कि इन प्रयासों के क्या नतीजे निकलकर सामने आते हैं।

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