Jul 02 2022 / 2:13 AM

ज्ञानवापी मामला: कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा हटाए गए





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नई दिल्ली। ज्ञानवापी सर्वे मामले के वाराणसी कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। अजय मिश्रा की निष्पक्षता पर मुस्लिम पक्ष ने सवाल उठाए थे। इसके साथ ही कोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए बाकी दो कमिश्नरों विशाल सिंह और अजय प्रताप सिंह को दो दिन की मोहलत दी है। इसके अलावा कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को आपत्ति दर्ज कराने के लिए भी एक दिन का समय दिया है। अगली सुनवाई अब 19 मई को होगी।

इससे पहले अदालत द्वारा नियुक्त स्पेशल कमीशन ने सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए दो दिन का समय मांगा था। कोर्ट में यह दलील दी गई थी कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफी-सर्वे कार्य से जुड़ी रिपोर्ट अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुई है।

सहायक अधिवक्ता आयुक्त अजय प्रताप सिंह ने कहा था, अदालत के आदेश के अनुसार, 14 से 16 मई के बीच सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का वीडियोग्राफी-सर्वे कार्य किया गया। 17 मई को सर्वे से संबंधित रिपोर्ट अदालत में पेश की जानी थी। हालांकि, हम आज (मंगलवार) रिपोर्ट नहीं जमा कर रहे हैं, क्योंकि यह तैयार नहीं है। हम अदालत से दो-तीन दिन का अतिरिक्त समय मांगेंगे। अदालत जो भी समय देगी, हम उसमें रिपोर्ट पेश करेंगे।

अजय प्रताप सिंह ने कहा था, अभी लगभग 50 प्रतिशत रिपोर्ट ही तैयार की जा सकी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हमें रिपोर्ट संकलित करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। सर्वे कार्य पर टिप्पणी करते हुए सिंह ने कहा, अदालत के आदेश के अनुसार मस्जिद परिसर में खुले और बंद ‘तहखाने’ का सर्वेक्षण किया गया। बंद ‘तहखाना’ जिसकी चाबी नहीं मिली थी, जिला प्रशासन ने उसका ताला तोड़ा।

इसके बाद वहां वीडियोग्राफी करने के साथ-साथ फोटो भी खींची गई। ‘वजूखाना’ में कथित तौर पर शिवलिंग मिलने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन, निश्चित रूप से कुछ ऐसा था, जिसके चलते हिंदू पक्ष ने ऐसा दावा किया और अदालत ने इसका संज्ञान लेते हुए अपना आदेश दिया।

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