Jul 02 2022 / 2:36 PM

कांग्रेसी बजाएंगे थाली और घंटियां, 31 मार्च से महंगाई मुक्त भारत अभियान





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नई दिल्ली। महंगाई के विरोध में कांग्रेस देश में आंदोलन करने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर ‘महंगाई मुक्त भारत अभियान’ शुरू करने जा रही है। पार्टी 31 मार्च से 7 अप्रैल तक महंगाई और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर अभियान शुरू करेगी। कांग्रेस के महासचिवों एवं प्रदेश प्रभारियों की शनिवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही बैठक में पार्टी के सदस्यता अभियान, विभिन्न मुद्दों पर आंदोलनों की रूपरेखा और मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की गई।

पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कांग्रेस मुख्यालय में हुई इस बैठक की अध्यक्षता की। इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, मुकुल वासनिक, तारिक अनवर, रणदीप सुरजेवाला, पवन कुमार बंसल और कई अन्य नेता शामिल हुए। बैठक के बाद प्रियंका गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, कांग्रेस महासचिवों एवं राज्य के प्रभारियों की बैठक में सदस्यता अभियान एवं जनता के मुद्दों पर आंदोलन को लेकर चर्चा में अपने विचार रखे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 31 मार्च को महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन होगा। थाली बजाओ, महंगाई भगाओ नारा दिया गया। इसके साथ ही 2-4 अप्रैल को ब्लॉक व जिला स्तर पर प्रदर्शन होगा। साथ ही 7 अप्रैल को प्रदेश की राजधानी में प्रदर्शन होगा। कांग्रेस के सभी राज्यों के प्रभारियों ने इस बैठक में अपने राज्यों की रिपोर्ट सौंपी। ये रिपोर्ट और बैठक खासतौर पर चुनावी राज्यों के प्रभारी और जिन 5 राज्यों में कांग्रेस पार्टी की हार हुई है, उनको लेकर की गई।

दरअसल कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पार्टी के महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों के साथ एक बैठक कर मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की। कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक में सभी राज्यों के प्रभारी अपनी-अपनी फीडबैक रिपोर्ट बनाने में जुट गए हैं।

उत्तराखंड, पंजाब, उत्तरप्रदेश, मणिपुर और गोवा में कांग्रेस पार्टी को जिस तरह से हार का सामना करना पड़ा उसके बाद इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि जल्द ही इन राज्यों में कांग्रेस पार्टी नय प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होगी। यह बैठक हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार और ‘जी 23’ समूह की बढ़ी हुई सक्रियता की पृष्ठभूमि में हुई है।

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