May 24 2022 / 6:48 AM

शाहीनबाग में नहीं चला बुलडोजर, विरोध के बीच कार्रवाई की गई स्थगित, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

नई दिल्ली। शाहीनबाग में आज सोमवार को एमसीडी की शाहीनबाग में अतिक्रमण विरोधी मुहिम चल रही है। इसके चलते शाहीनबाग में बुलडोजर के पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया है। यहां लोगों ने अतिक्रमण हटाने का विरोध शुरू कर दिया। लोग अतिक्रमण हटाने के विरोध में बुलडोजर के सामने बैठ गए। जिसके बाद एमसीडी को वहां से बुलडोजर को वापस लेकर लौटना पड़ा। इसी के साथ इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर दक्षिणी दिल्ली प्रशासन से पूछा है कि उसने शाहीन बाग में कथित अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए अपना अभियान क्यों शुरू किया, जब सोमवार को अदालत में सुनवाई होनी थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सॉलिसिटर जनरल को याचिका की एक प्रति उपलब्ध कराने को कहा। दोपहर दो बजे याचिका पर सुनवाई होगी।

जहांगीरपुरी विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह छुट्टी के बाद मामले की सुनवाई करेगा़ क्योंकि उसके पास सरकार की ओर से दाखिल जवाब की कॉपी नहीं है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने 21 अप्रैल को जहांगीरपुरी में एक अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत कई घरों और दुकानों को तोड़ दिया था।

बुलडोजर सोमवार को शाहीन बाग पहुंचे़ क्योंकि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने उस इलाके में अपने अतिक्रमण विरोधी अभियान को आगे बढ़ाया। अतिक्रमण विरोधी अभियान के विरोध में धरने पर बैठकर बुलडोजर व उत्खनन का रास्ता रोककर प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों के अलावा भारी संख्या में पुलिस कर्मियों के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे।

शाहीन बाग के निवासियों ने बताया कि सार्वजनिक भूमि पर कोई अवैध अतिक्रमण नहीं है। आम आदमी पार्टी के ओखला विधायक अमानतुल्ला खान ने कहा कि “जानबूझकर कानून और व्यवस्था को बिगाड़ने” के लिए विध्वंस किया जा रहा था।

दिल्ली भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता द्वारा 20 अप्रैल को ‘रोहिंग्या, बांग्लादेशियों और असामाजिक तत्वों’ द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए पार्टी शासित नगर निकाय के मेयर को पत्र लिखे जाने के बाद एसडीएमसी क्षेत्रों में अतिक्रमण अभियान की योजना बनाई गई थी।

Chhattisgarh