May 26 2022 / 10:02 AM

राजस्थान: गहलोत कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, 11 कैबिनेट और 4 राज्यमंत्रियों ने ली शपथ

नई दिल्ली। राजस्थान में गहलोत मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हो गया है। जिसे लेकर जयपुर के राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौजूद रहें। इस समारोह में 11 कैबिनेट मंत्री और 4 राज्यमंत्रियों ने शपथ ली। इस दौरान समर्थकों ने नारेबाजी भी की। इससे पहले पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा है कि जो कमी थी वो दूर हो गई हैं और सबकुछ ठीक हो गया है, पूरी पार्टी एक है।

वहीं इस कैबिनेट में पायलट खेमे के वफादारों को शामिल करा गया है। सूची के तहत विधायक हेमाराम चौधरी, मुरारी लाल मीणा, जाहिदा खान, राजेंद्र सिंह गुढ़ा और बृजेंद्र ओला को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में शामिल करा गया है। इस लिस्ट में महेंद्रजीत सिंह मालवीय, शकुंतला रावत, गोविंद राम मेघवाल, महेश जोशी और रामलाल जाट, विश्वेंद्र सिंह, ममता भूपेश, टीकाराम जूली को शामिल करा गया।

सबसे पहले 6 बार विधायक रह चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमा राम चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर महेश जोशी ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। हवामहल विधानसभा से विधायक महेश जोशी पेशे से एक डॉक्टर हैं।

कैबिनटे मंत्री के तौर पर विश्वेंद्र सिंह ने शपथ ली. पहले पर्यटन मंत्री रह चुके हैं। उन्हें सियासी संकट के बीच मंत्री पद त्यागना पड़ा था। अब दोबारा से कैबिनेट में शामिल हुए हैं। वे भरतुपर की डीग-कुम्हेर सीट से विधायक हैं। वहीं भजनलाल जाटव भरतपुर की वैर सीट से विधायक हैं। अभी गृह रक्षा राज्य मंत्री हैं। प्रमोट होकर कैबिनेट मंत्री बने हैं।

शकुंतला रावत गुर्जर समुदाय से संबंध रखती हैं। मुख्यमंत्री की करीबी हैं। अलवर की बानसूर सीट से दो बार विधायक रह चुकी हैं। मुरारीलाल मीणा दौसा विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2008 से 2013 तक कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके थे। मगर 2013 में चुनाव हार गए थे। गुढा से राजेंद्र सिंह बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए गए हैं। कांग्रेस की पिछली सरकार में भी मंत्री रहे हैं। झुंझनू जिले की उदयपुरवादी सीट से विधायक रह चुके हैं। जाहिदा खान ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली, जाहिदा खान राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तीनों राज्यों में कैबिनेट मंत्री रह चुके तैयब हुसैन की बेटी है। मुस्लिम कोटा के तहत उन्हें मंत्री बनाया गया है। वे भरतपुर की काम सीट से विधायक हैं। संसदीय सचिव भी रह चुकी हैं।

रविवार की सुबह मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन पायलट राजस्थान में राजनीतिक हालात पर चर्चा की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिन पायलट ने साफ-साफ कहा कि पार्टी में किसी तरह की कोई गुटबाजी नहीं है। इस दौरान पायलट ने कहा कि इससे कांग्रेस के प्रमुख कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा ​कि वे हमेशा मुद्दों की बात करते हैं। वे कभी भी व्यक्ति विशेष की बात नहीं करते। बताया जा रहा है कि मंत्री पद न मिलने से गहलोत गुट के कुछ विधायकों ने नाराजगी व्यक्त की है। इतना ही नहीं कुछ नाराज विधायकों ने सीएम का व्हाट्सएप ग्रुप भी छोड़ दिया है।

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